उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर एक घटना ने शुक्रवार देर रात अचानक हुई. रात करीब दो बजे परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ओवरलोड वाहनों की जांच कर रही थी. इस दौरान एआरटीओ प्रवर्तन अधिकारी प्रतिभा गौतम अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थीं.
चेकिंग के दौरान एक गिट्टी से भरा डंपर रोका गया, जिसे जांच के लिए पास के धर्म कांटे पर भेजा गया. लेकिन वहां स्थिति बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि डंपर में लगे जीपीएस सिस्टम के लॉक होने और अन्य ट्रक चालकों के विरोध के चलते सड़क पर विवाद शुरू हो गया. जिसके बाद धीरे-धीरे माहौल तनावपूर्ण हो गया और बहस तेज हो गई.
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मौके पर मौजूद कुछ ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि डंपर की वजह से रास्ता जाम हो रहा था और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया. इसी दौरान एक युवक, जो खुद को सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर बता रहा था, वीडियो बनाने लगा. उसने अपना नाम गोलू बताते हुए कहा कि उसके यूट्यूब पर लाखों फॉलोअर्स हैं और वह इस पूरे मामले को सार्वजनिक करेगा.
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विवाद तब और बढ़ गया जब एक ड्राइवर ने कथित तौर पर अधिकारी की गाड़ी की चाबी निकाल ली. इसके बाद प्रतिभा गौतम गाड़ी से उतरीं और उस युवक को थप्पड़ मार दिया. यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था, जिसे आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
घटना के बाद अधिकारी ने संबंधित ड्राइवर को अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया और डंपर को सीज कर दिया गया. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि डंपर के कारण ट्रैफिक बाधित हो रहा था और कुछ लोग नशे की हालत में हंगामा कर रहे थे. उनका कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और गाड़ी की चाबी निकालने जैसी हरकत के कारण उन्हें सख्त कदम उठाना पड़ा.
इस पूरे मामले ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा क्योंकि पहले भी नवंबर 2025 में अवैध वसूली से जुड़े एक मामले में कुछ परिवहन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जिसमें उनका नाम भी सामने आया था. फिलहाल इस नई घटना के बाद एक बार फिर विभागीय कार्यप्रणाली और व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं.