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मंदिर से चोरी हुआ ये काला हीरा बना अभिशाप! 3 मालिकों की रहस्यमयी मौत, जानें अब किसके पास

हीरे को लेकर ऐसा भी कहा जाता है कि ये डायमंड जब भी किसी के हाथ आया तो अपने साथ मौत को भी लेकर आया. 1932 में इसे खरीदने वाले डीलर जेडब्ल्यू अमेरिका में ऊंची इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली.

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Black Orlov diamond Story: सोना-चांदी, हीरे और मोती संसार की कुछ दुर्लभ चीजों में से एक हैं, जिन्हें पाने के लिए हर इंसान सही या गलत रास्ता अपनाता है. आपने फिल्मों या किस्से-कहानियों में जरूर सुना होगा कि कोई चीज शापित हो गई है और जिसके पास भी वो होती है, उसके साथ बुरा होने लगता है. असल जिंदगी में भी ऐसे ही फ्रांसीसी दार्शनिक जीन डी ला ब्रूएर के जमाने में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक दुर्लभ रत्न कभी मौत और दुर्भाग्य का प्रतीक भी बन सकता है. इतिहास में कई ऐसे हीरे दर्ज हैं जिन पर ‘शापित’ होने का ठप्पा लगा, और उनमें से एक है रहस्यमयी ब्लैक ऑरलव डायमंड.

मंदिर से गायब हुआ ‘ब्रह्मा का नयन’


ब्लैक ऑरलव डायमंड को ‘Eye of Brahma’ यानी ‘ब्रह्मा की आंख’ भी कहा जाता है. 19वीं सदी की शुरुआत में दक्षिणी भारत में पुडुचेरी के पास स्थित एक मंदिर से भगवान ब्रह्मा की मूर्ति में जड़े एक काले हीरे की चोरी हुई. यह हीरा करीब 195 कैरेट का था. हीरा गायब होने के बाद इसे लेकर कई तरह की कहानियां प्रचलित हो गईं. कहा जाता है कि चोरी के बाद ब्लैक डायमंड हमेशा के लिए शापित हो गया.

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एक पॉपुलर कहानी के मुताबिक हीरे को मंदिर के एक हिंदू साधु ने चुराया था, जिसकी बाद में हत्या कर दी गई. कुछ अन्य दावे करते हैं कि इसे एक यूरोपीय मिशनरी अपने साथ ले गया जो बाद में रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया. हालांकि असल में हीरा किसने चुराया ये आज तक कोई नहीं जान सका.

श्राप या संयोग?


इस हीरे को लेकर ऐसा भी कहा जाता है कि ये डायमंड जब भी किसी के हाथ आया तो अपने साथ मौत को भी लेकर आया. 1932 में इसे खरीदने वाले डीलर जेडब्ल्यू अमेरिका में ऊंची इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद डायमंड दो रूसी राजकुमारियों नाडिया ऑरलव और लियोनीला गालीत्सीन के पास पहुंचा. उन दोनों ने भी कुछ सालों के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान ले ली. इन घटनाओं के बाद हीरे को ब्लैक ऑरलव डायमंड कहा जाने लगा.

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अभिशाप तोड़ने की कोशिश


दशकों बाद एक डायमंड डीलर चार्ल्स विंडसन ने इस डायमंड को खरीदा. उसका मानना था कि अगर वह इसे तीन टुकड़ों में काट देगा तो श्राप की ताकत टूट जाएगी. हुआ भी कुछ ऐसा ही हीरे को काटकर तीन हिस्सों में बांटा गया और सबसे बड़ा 67.49 कैरेट वाला टुकड़ा आज भी Black Orlov Diamond के नाम से प्रसिद्ध है. बाकी दो टुकड़ों की कोई जानकारी आज तक सामने नहीं आई. हालांकि वर्तमान में हीरे के टुकड़े किसके पास है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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