Weird News : अपराधी खुद को चालाक और शातिर समझते हैं। घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस को भटकाने के तमाम कोशिश करते हैं लेकिन पुलिस जब सच्चाई को खोजने में लग जाती है तो शातिर से शातिर अपराधी की चालाकी धरी की धरी रह जाती है। इसका ताजा उदाहरण यूके से सामने आया है। यहां पुलिस ने करीब साल बाद आरोपी को पकड़कर कोर्ट में पेश किया और वह शख्स अब दोषी पाया गया है।
86 साल की ऊना क्राउन विधवा थीं। उनकी हत्या कर दी गई थी और शव को जलाने का प्रयास किया गया था। कैम्ब्रिजशायर के विस्बेक स्थित घर में चाकू घोंपकर जान ली गई थी और उनके गले, सीने पर घाव के निशान बने थे। इसके बाद उनके कपड़ों में आग लगा दी गई थी। शुरुआत में पुलिस गुमराह हो गई और दो दिन तक घर को सील नहीं किया था।
सबूतों की दोबारा जांच, पकड़ा गया कातिल
हालांकि मृतक महिला के नाखून से आरोपी पकड़ा गया। महिला का नाखून खून से सना हुआ था, जब पुलिस ने इसी जांच की तो हत्यारे का पता लगाने में वक्त नहीं लगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि 2013 में हुई घटना के दौरान ऊना क्राउन के दाहिने हाथ के नाखूनों के नीचे डीएनए के रूप में महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रखे गए थे। नई तकनीक से जांच हुई तो शक की सुई एक शख्स पर जाकर टिक गई।
रिपोर्ट के बाद डेविड न्यूटन को पुलिस ने उठाया और पूछताछ की लेकिन शुरुआत में वह सभी आरोपों से इनकार करता रहा। एक दशक से अधिक समय तक उसे लगा कि वह इस सबसे भयानक अपराध से बच गया है लेकिन कोर्ट ने अब उसे दोषी माना है। दरअसल मृतक के नाखून में मिला DNA डेविड न्यूटन से मिल खा रहा था।
पुलिस ने कहा कि हमारे पास साल 2013 में नई तकनीक नहीं थी. ऐसे में हमने जांच करने में दिक्कतें आईं थीं लेकिन नई तकनीक से जांच करने पर हम कातिल तक पहुंच गए। हर अपराधी की तरह ये भी सोच रहा था कि अब वह पकड़ा नहीं जाएगा लेकिन घटना के करीब 12 साल बाद उसे दोषी पाया गया है और उसे सजा सुनाई जाएगी।