हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

छात्राएं क्यों सड़कों पर उतरीं? वायरल हो रहे नारों में दिखा गुस्सा, आजादी और सुरक्षा का सवाल

दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्राएं महिलाओं की सुरक्षा और आजादी को लेकर क्यों प्रदर्शन कर रही हैं? जानिए इस विरोध की वजह, मांगें और वायरल हुए नारों की कहानी.

विज्ञापन
दिल्ली यूनिवर्सिटी में महिलाओं की सुरक्षा और आजादी को लेकर प्रदर्शन करती छात्राएं, हाथों में दिखे कई चर्चित नारे. (Image- AI Generated)

दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राएं इन दिनों सिर्फ अपनी सुरक्षा की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि यह सवाल भी उठा रही हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आजादी पर पाबंदी क्यों लगाई जाए? दक्षिण दिल्ली के कालाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की से कथित गैंगरेप की घटना के बाद डीयू के कई कॉलेजों की छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया. 23 सितंबर से शुरू हुआ यह विरोध अब नॉर्थ कैंपस तक पहुंच चुका है.

लेडी श्रीराम कॉलेज से शुरू हुआ विरोध नॉर्थ कैंपस तक पहुंचा

इस मामले के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज, मिरांडा हाउस, गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज समेत कई कॉलेजों की छात्राएं प्रदर्शन में शामिल हुईं. छात्राओं ने कॉलेजों के आसपास अंधेरी सड़कों, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी, पुलिस पेट्रोलिंग और सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मुद्दे उठाए. 29 सितंबर को नॉर्थ कैंपस में बड़ा प्रदर्शन हुआ. बारिश के बावजूद सैकड़ों छात्राएं और LGBTQ समुदाय मार्च में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें सुरक्षा चाहिए और सुरक्षा के नाम पर लड़कियों एवं महिलाओं का घर से ना निकले का समाधान नहीं.

‘क्यूटी नहीं, क्रांति हैं हम’ जैसे नारे क्यों हुए वायरल?

इस पूरे प्रदर्शन की एक खास बात इसके नारे और पोस्टर्स रहे. सोशल मीडिया पर “हम औरतें आजाद हैं”, “क्यूटी नहीं, क्रांति हैं हम”, “रेपिस्ट को अंदर करो, लड़कियों को नहीं” और “डर के आगे आजादी” जैसे नारे चर्चा में हैं. कुछ नारों में छात्रों ने मजाक और तंज का इस्तेमाल करते हुए अपनी बात रखी. “एक कचौरी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा” और “हमारी स्कर्ट नहीं है छोटी, इन मर्दों की सोच है छोटी” जैसे पोस्टर सामने आए. वहीं “बेटी की लोकेशन नहीं, बेटे का इंटेंट चेक करो” के जरिए पुरुषों के व्यवहार पर सवाल उठाया गया.

विज्ञापन

सिर्फ सुरक्षा नहीं, आजादी की भी मांग

प्रदर्शन में “हम आजाद हैं सिर्फ पन्नों पर”, “Girls just wanna have fundamental rights” और “We should not need a protest to feel safe” जैसे पोस्टर्स भी दिखाई दिए. छात्रों का कहना है कि महिलाओं को अपराध से बचाने का तरीका उन्हें घरों और हॉस्टल में बंद करना नहीं, बल्कि सुरक्षित सड़कें, बेहतर रोशनी, बेहतर पुलिस व्यवस्था और सुरक्षित पब्लिक स्पेस तैयार करना है. इसलिए DU का यह प्रदर्शन केवल एक घटना के खिलाफ विरोध नहीं है. इसके नारों और पोस्टर्स में छात्राएं सुरक्षा के साथ बिना डर के बाहर निकलने और अपनी आजादी बनाए रखने की मांग भी रख रही हैं.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola