नई दिल्ली: कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी को शुक्रवार को अहमदाबाद की निचली अदालत ने 6 महीने की सजा सुनाई है। मेवानी को यह सजा अहमदाबाद की निचली अदालत ने साल 2016 में रास्ता रोको आंदोलन के मामले को सुनाई है।
क्या है मामला?
गुजरात यूनिवर्सिटी लॉ हाउस का नाम डॉ। बाबा साहेब अम्बेडकर भवन रखने के लिए 2016 में जिग्नेश मेवानी और अन्य आंदोलनकारियों ने रोड ब्लॉक किया था। इस मामले में कोर्ट ने अब जिग्नेश मेवाणी के अलावा सुबोध परमार, राकेश महरिया समेत 19 आंदोलनकारियों को सजा सुनाई है।
बता दें कि कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी को दूसरी बार कोर्ट से सजा हुई है, इससे पहले मेहसाना में बिना परमिशन रैली करने पर तीन महीने की सजा हुई थी। फिलहाल मेहसाना के मामले पर अभी स्टे लगा हुआ है। कोर्ट ने इस पूरे मामले में तीन अलग-अलग सजा का ऐलान किया है। इन तीन मामलों में से एक में छह महीने की कैद, दूसरे मामले में 500 रुपए और तीसरे मामले में 100 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
इससे पहले मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ट्वीट करने पर मेवाणी को असम पुलिस ने गुजरात के पालनपुर से गिरफ्तार किया।
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