वो स्त्री है…! दुनिया की पहली महिला, जिसके ऊपर आकर गिरा उल्कापिंड, फिर भी बच गई जिंदा; वैज्ञानिक हैरान

एक तरफ जहां एस्टेरॉयड की धरती से टक्कर के बाद डायनासोर पूरी तरह खत्म हो गए, वहीं 30 नवंबर, 1954 को दोपहर में ऐन एलिजाबेथ हॉजेस के ऊपर गिरा उल्कापिंड उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सका.

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Ann Elizabeth Hodges Story: अंतरिक्ष, ब्रह्मांड या ग्रहों की जब बात होती है तो हमारे जेहन में आकाश गंगा की तस्वीर घूमने लगती है. हालांकि अंतरिक्ष में ग्रहों के अलावा करोड़ों उल्कापिंड (मीटियोर) और एस्टेरॉयड भी एक जगह से दूसरे जगह यात्रा कर रहे हैं. ऐसा ही एक विशाल एस्टेरॉयड करोड़ों साल पहले पृथ्वी से टकराया था, जिसने धरती से डायनासोर का अस्तित्व ही मिटा दिया. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने अपने शरीर पर मीटियोर की टक्कर झेली थी. जी हां, इस पर यकीन करना मुश्किल है, लेकिन कथित तौर पर इतिहास में ऐसी घटना दर्ज की गई है.

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उल्कापिंड की टक्कर झेलने वाली दुनिया की पहली शख्स


एक तरफ जहां एस्टेरॉयड की धरती से टक्कर के बाद डायनासोर पूरी तरह खत्म हो गए, वहीं 30 नवंबर, 1954 को दोपहर में ऐन एलिजाबेथ हॉजेस के ऊपर गिरा उल्कापिंड उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सका. अमेरिका में अलबामा के छोटे से शहर सिलाकागा में ऐन एलिजाबेथ हॉजेस अपने किराए के घर के सोफे पर आराम कर रही थीं. तभी अचानक आसमान से एक 4 किलो का उल्कापिंड बिजली की तरह घर की छत को चीरता हुआ नीचे आया रेडियो से टकराया और सीधा ऐन के कूल्हे पर जा लगा. आपको जानकर यकीन नहीं होगा, इस घटना के बाद ऐन धरती की अकेली ऐसी इंसान बनीं जिसकी उल्कापिंड से टक्कर हुई.

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एक पल में सब बदल गया


इस घटना ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया था. बताया जाता है कि जब मीटियोर, ऐन के घर की छत से टकराया तो इतना तेज आवाज आई, जिसे सुन उनके पड़ोसी भी सहम गए. इस टक्कर से छत में बड़ा सा छेद हो गया था. जैसे ही ये खबर फैली शहर का हर व्यक्ति ऐन के घर के बाहर जमा हो गया. कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे थे, तो कुछ लोग शैतानी ताकतों का नाम ले रहे थे. हालांकि उल्कापिंड की टक्कर के बावजूद ऐन जिंदा बच गईं, उनके कूल्हे पर चोट के निशान तस्वीरों में भी देखे जा सकते हैं.​

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छिड़ गई उल्कापिंड पर हक की लड़ाई?


इस उल्कापिंड की वजह से ऐन को दुनियाभर में काफी पॉपुलैरिटी मिली, लेकिन असली मुसीबत इसके बाद आई. उल्कापिंड पर हक जमाने के लिए मकान मालिक, ऐन और स्थानीय प्रशासन में कानूनी लड़ाई छिड़ गई. आखिर लंबी लड़ाई के बाद ऐन ने ये उल्कापिंड अलबामा म्यूजियम को दान कर दिया. आज भी वह ‘हॉजेस उल्कापिंड’ के नाम से म्यूजियम में रखा हुआ है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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