हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

60 साल पहले CIA से हिमालय में खो गई थी ऐसी चीज, नागासाकी पर गिरे परमाणु बम जितनी खतरनाक! आज भी वहीं मौजूद?

हाड़ कंपा देने वाली ठंड, ऊंचाई और बर्फ की मोटी चादर से जूझते हुए यूनिट अपने टार्गेट के करीब पहुंच गई, लेकिन तभी भयंकर बर्फीला तूफान आ गया. तेज हवाओं और जीरो विजिबिलटी के चलते कैप्टन कोहली ने रेडियो पर आदेश दिया कि ‘उपकरण वहीं छोड़ दो और तुरंत नीचे लौट आओ.’

विज्ञापन

1965 CIA Secret Mission: आज हम आपको इतिहास की एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सबसे रहस्यमयी और खतरनाक ऑफरेशनों में गिना जाता है. ये कहानी एक ऐसे मिशन की है, जो किसी आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है और ना ही अब तक कोई इसके सच्चाई की तह तक पहुंच पाया है. तकरीबन 60 साल पहले अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) और भारतीय खुफिया एजेंसियों ने मिलकर हिमालय की ऊंचाइयों में ऐसा उपकरण रखा था, जिसके बारे में कहा जाता है कि वो जापान के नागासाकी में गिरे परमाणु हम जितना खतकनाक हो सकता है. माना जात है कि आज भी वो उपकरण हिमालय में कही दफन है.

CIA ने हिमालय में खोया था परमाणु रहस्य!


साल था 1965, जब दुनिया ‘कोल्ड वॉर’ (शीत युद्ध) के भय और जासूसी की रेस में लगी हुई थी. चीन ने अभी-अभी अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था और अमेरिका को डर था कि बीजिंग मिसाइल परीक्षणों की गुप्त तैयारी कर रहा है. चीन पर नजर रखने के लिए CIA ने एक प्लान बनाया, जिसके तहत हिमालय की ऊंचाइयों पर एक परमाणु-संचालित जासूसी उपकरण (nuclear-powered listening device) लगाया जाना था ताकि चीन के परमाणु परीक्षणों की गतिविधि पर नजर रखी जा सके.

यह भी पढ़ें: सच्चे प्यार की मिसाल, दिव्यांग पति को बिना मदद ट्रेन में चढ़ाती दिखी ये महिला, VIDEO हुआ जमकर वायरल

विज्ञापन

अमेरिका ने मांगी भारत की मदद


इस खतरनाक मिशन के लिए भारत में हिमालय रेंज पर मौजूद नंदा देवी पर्वत को चुना गया. अपने प्लान को साकार करने के लिए अमेरिका ने भारत की मदद मांगी और भारतीय नौसेना के अधिकारी कैप्टन एमएस कोहली को इस सीक्रेट अभियान का नेतृत्व सौंपा गया. इस टीम में भारत और अमेरिका के कुछ बेहतरीन पर्वतारोही शामिल थे. उनके पास एक भारी ‘SNAP-19C जनरेटर’ था, जिसमें करीब 13 किलो प्लुटोनियम भरा हुआ था. प्लुटोनियम ये मात्रा नागासाकी पर गिरे बम के करीब एक-तिहाई के बराबर थी.

बर्फीले तूफान ने निगल लिया परमाणु उपकरण


प्लान की शुरुआत हुई और सीआईए और भारतीय जवान नंदा देवी के रास्ते पर बढ़ा. हाड़ कंपा देने वाली ठंड, ऊंचाई और बर्फ की मोटी चादर से जूझते हुए यूनिट अपने टार्गेट के करीब पहुंच गई, लेकिन तभी भयंकर बर्फीला तूफान आ गया. तेज हवाओं और जीरो विजिबिलटी के चलते कैप्टन कोहली ने रेडियो पर आदेश दिया कि ‘उपकरण वहीं छोड़ दो और तुरंत नीचे लौट आओ.’ टीम ने जनरेटर और एंटीना को एक दरार में छिपाया और अपनी जान बचाने के लिए नीचे उतर आई. लेकिन जब अगले साल टीम फिर से उसी जगह पहुंची तो उपकरण गायब था.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: बरमूडा ट्रायंगल के नीचे मिला पृथ्वी का ‘रहस्यमयी दानव’? वैज्ञानिकों की नई खोज से दुनिया भी हैरान

डिवाइस में छिपी बड़ी तबाही


टीम ने देखा कि जहां उन्होंने डिवाइस रखा था वो पूरा इलाका बर्फ से ढह चुका था. वहां न प्लुटोनियम का कोई निशान था और न ही कोई उपकरण. दृश्य ऐसा था कि डिवाइस हिमालय की बर्फ में समा गई हो. डिवाइस की खोज के लिए गेयगर काउंटर, रेडिएशन डिटेक्टर और सेंसर डिटेक्टर सब भेजा गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. एक्सपर्ट्स को संदेह है कि उपकरण धीरे-धीरे बर्फ पिघलाकर नीचे ग्लेशियरों के साथ गंगा की ओर खिसक गया होगा. उस वक्त कैप्टन कोहली ने एक बयान में कहा था, ‘हमें नहीं पता था कि इसमें इतनी बड़ी तबाही छिपी है.’

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola