'दुर्गापुर की पीड़िता ने बताया रात का सच…', NCW मेंबर बोलीं- 'वो CM हैं, उन्हें घटना का टाइम पता होना चाहिए'

NCW Member Archana Majumdar react Mamata Banerjee statement: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लड़कियों को रात में कॉलेजों से बाहर न जाने देने वाले बयान पर सवाल उठाया है. उन्होंने पीड़िता के स्टेटमेंट का हवाला देते हुए कहा कि ममता बनर्जी राज्य की मुख्यमंत्री हैं, उन्हें घटना का समय पता होना चाहिए था.

NCW member and mamata

NCW Member Archana Majumdar react Mamata Banerjee statement: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की मेंबर अर्चना मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पीड़िता के लेट नाइट कॉलेज से बाहर होने के बयान पर सवाल उठाए और कहा कि मैं उनके (मुख्यमंत्री) के बयान से सहमत नहीं? वो दुर्गापुर के पीड़िता से बीते दिन मिली थी, बात भी हुई थी. आयोग को दी लिखित शिकायत में पीड़िता ने कहा था कि वो अपने सहपाठी के साथ कॉलेज से रात करीब 8 बजे निकलीं और फूड सेंटर गई थी. फूड सेंटर कॉलेज कैंपस से केवल डेढ़ किलोमीटर दूर था. सड़क के दोनों ओर जंगल है. तीन लड़कों के पीछा करने की बात जब दोस्त को बताई तो उसने चिंता न करने की बात कही, लेकिन कुछ देर बाद दोस्त भी गायब हो गया.

विज्ञापन

पांच आदमी थे, फोन भी छीना

पीड़िता ने शिकायत में आगे लिखा कि पीछा कर रहे तीनों लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ घटना को अंजाम दिया. वहां पांच आदमी थे… उन्होंने उसका फोन छीन लिया. उसने चीखते चिल्लाते दोस्त को आवाज लगाई, इतने में दोस्त नजर आया और उसने पीड़िता को बचाया. पीड़िता को होस्टल वापस लाई, जहां उसके दर्द और ब्लीडिंग शुरू हो गई थी. पीड़िता के दोस्त तुरंत उसे इमरजेंसी में ले गए. NCW मेंबर अर्चना मजूमदार ने बताया कि मुख्यमंत्री रात के साढ़े 12 बजे कह रही हैं, जबकि पीड़िता रात को 11 बजे अस्पताल में थीं. वह राज्य की मुख्यमंत्री हैं, कोई भी टिप्पणी करने से पहले उन्हें समय पता होना चाहिए… समय लगभग 8 बजे का था, लड़की बाहर गई, और 9:30 बजे तक घटना घट चुकी थी…”

विज्ञापन

क्या कहा था ममता बनर्जी ने?

दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि, निजी मेडिकल कॉलेजों को भी अपने छात्रों, खासकर लड़कियों का ध्यान रखना चाहिए. लड़कियों को रात में कॉलेज से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्हें अपनी सुरक्षा भी करनी होगी. भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल कहती हैं कि क्या रात 12 बजे के बाद महिलाओं को बाहर नहीं जाना चाहिए?

विज्ञापन

अस्पतालों में महिला डाक्टरों को नाइट ड्यूटी नहीं करनी चाहिए. नर्सों को बाहर नहीं जाना चाहिए? आईटी सेक्टर की वर्किंग वूमेंस को नाइट जॉब नहीं करनी चाहिए. इस तरह की तालिबानी मानसिकता शर्मनाक है. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, “…क्या मुख्यमंत्री चाहती हैं कि सभी महिलाएं बुर्का पहनें और घर पर रहें?…”

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ