कोलकाता, पश्चिम बंगाल में कथित राशन आवंटन घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को राज्यभर में एक साथ 12 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की. यह कार्रवाई कोलकाता, मुर्शिदाबाद, बोंगांव, हावड़ा समेत कई जिलों में की जा रही है.

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में पहले ही राज्य के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को गिरफ्तार किया जा चुका है. उनकी गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी ने अनाज सप्लाई से जुड़े कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

---विज्ञापन---

ED की टीम कोलकाता के लॉर्ड सिन्हा रोड स्थित कारोबारी बसंत कुमार सर्राफ के आवास और आसनसोल के रानीगंज में अजय क्याल के ठिकानों पर सुबह से ही तलाशी अभियान चला रही है. बताया जा रहा है कि ये कारोबारी सरकारी राशन से जुड़े अनाज और अन्य सामग्रियों की अवैध बिक्री में संलिप्त थे.

---विज्ञापन---

सूत्रों के मुताबिक, अजय क्याल का चावल कारोबार सिर्फ पश्चिम बंगाल या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों तक फैला हुआ है. इसके अलावा नागालैंड समेत अन्य राज्यों के कारोबारियों से भी उनके व्यावसायिक संबंध बताए जा रहे हैं. ऐसे में ED इस पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है. बताया जा रहा है कि अजय क्याल के नाम पर 5 से 6 फूड सप्लाई कंपनियां संचालित हैं, जिन्हें परिवार के सदस्य मिलकर चलाते हैं. एजेंसी को शक है कि इन कंपनियों के जरिए बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हो सकती हैं.

जांच एजेंसी को कुछ ऐसी कंपनियों के नाम भी मिले हैं, जिनके माध्यम से अनाज की कथित तौर पर अवैध सप्लाई की गई. ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कंपनियों के जरिए अनाज कहां-कहां भेजा गया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही.

यह भी पढ़ें;TMC ने हुमायूं कबीर को किया सस्पेंड, बाबरी मस्जिद को मुर्शिदाबाद में बनाने का किया था

इसके साथ ही एजेंसी पैसों के लेनदेन की कड़ियों को भी खंगाल रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस कथित घोटाले से किसे कितना आर्थिक लाभ पहुंचा.
ED की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकती है, जिससे राज्य की सियासत में भी हलचल तेज होने के आसार हैं.

यह भी पढ़ें;‘मुझ पर हमला हुआ तो पूरा भारत हिला दूंगी…’, SIR को लेकर ममता बनर्जी की चेतावनी