पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान में बने दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई. लेकिन यह हादसा क्यों हुआ? इसे लेकर मंत्री उमेश राय और एक महिला बड़ा बयान दे रहे हैं. उन्होंने एक अनाउंसमेंट को भगदड़ मचने की असली वजह बताया है. मंत्री उमेश राय ने कहा कि दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन करने वालों की भारी भीड़ थी और भारी बारिश भी हो रही थी तो श्रद्धालु भीगने से बचने के लिए पंडाल में घुस गए. बारिश और भीड़ के दबाव से एंट्री गेट का एक हिस्सा ढह गया था. इस बीच किसी ने सीटी बजाई और एक घोषणा की, जिसके बाद भगदड़ मच गई.
पंडाल के गिरने की घोषणा से मची भगदड़
मां दुर्गा के दर्शन और पूजा करने के लिए चोरबागान पंडाल में व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाते हुए महिला ने बताा कि पंडाल में एक अनाउंसमेंट हुई थी, जिसे सुनकर लोग घबरा गए और उनमें भगदड़ मच गई. पंडाल का एंट्री और एग्जिट गेट काफी छोटा संकरा था. रास्ता घुमावदार यानी स्पाइरल था, जिस वजह से भगदड़ में फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए और एक दूसरे के पैरो नीचे कुचले गए. बारिश और भीड़ के दबाव से पंडाल का एंट्री गेट टूट गया था, इसलिए अनाउंसमेंट हुई कि पंडाल गिर सकता है. यह घोषणा सुनकर लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए भागने लोग.
वॉलंटियर बच्चे संभाल नहीं पा रहे थे भीड़
प्रत्यक्षदर्शी महिला ने पंडाल में भीड़ को मैनेज करने के इंतजामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चों को वॉलंटियर बनाया गया था, जिनकी बात लोग सुन ही नहीं रहे थे. जबकि समिति के सदस्यों और कार्यकर्ताओं को लोगों को संभालने के लिए जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी. पंडाल में पुलिस की ओर से भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं किए गए थे, जो लोगों को सख्ती से संभाल पाते. पंडाल में अव्यवस्था और मिसमैनेजमेंट के कारण भगदड़ मची. बारिश अलग से वजह बन गई, लेकिन विशेष बात यह है कि भगदड़ मचने के बाद घायलों को संभालने का भी कोई इंतजाम नहीं था और न कोई सहयोग करने आया.
धारा 163 लागू हुई और 7 आरोपी गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के आस-पास, उत्तर और सेंट्रल कोलकाता के सटे इलाकों में BNS की धारा 163 लागू की है, ताकि हादसे होने से रोके जा सकें. वहीं कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है.