पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद मौके पर दिल दहला देने वाला खौफनाक मंजर देखा. कहीं मां अपने बच्चों के लिए रोती-बिलखती दिखीं तो कहीं बेटे अपनी मां के लिए तड़पते थे. मीडिया ने भगदड़ पीड़ितों से बात की तो उन्होंने बिलख-बिलख कर अपनी कहानी सुनाई. प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे की आंखों देखी बताई और कहा कि भगदड़ बारिश, बदइंतजामी, संकरे रास्ते और घोषणाओं के कारण मची. मंत्री उमेश राय कहते हैं कि सीटी बजाकर घोषणा करके लोगों को भड़काया गया.
मंत्री उमेश राय ने सीटी-घोषणा को वजह बताया
मंत्री उमेश राय कहते हैं कि शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी थी और चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे. इस दौरान भारी बारिश भी हो रही थी तो श्रद्धालुओं के साथ आम लाग भी पंडाल में शरण लेने पहुंचे तो भीड़ ज्यादा हो गई. इस दौरान किसी ने सीटी बजाई और घोषणा की, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और इधर उधर भागने के चक्कर में नीचे गिरकर कुचले गए. पंडाल में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे, जो अफवाह फैलने के बाद पैनिक हो गए. यानी भगदड़ बारिश और अव्यवस्थाओं के कारण फैली, इसके लिए आयोजक जिम्मेदार हैं.
युवक की आंखों के सामने मां ने तोड़ दिया दम
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में 25 साल के सोनू पाल ने अपनी मां को खो दिया. उसने आंखों के सामने मां को दम तोड़ते दुए देखा. कुम्हारटोली निवासी सोनू ने बताया कि वह अपनी मां को लेकर पंडाल में आया था, लेकिन बहुत बारिश हो रही थी तो वे एक तरफ खड़े हो गए. अचानक एंट्री गेट पर खड़े लोग अंदर घुसने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे और बारिश के कारण भी भीड़ का दबाव बढ़ गया था. अचानक चीख पुकार मच गई और लोग एक दूसरे पर गिरने लगे. सोनू ने बताया कि उसकी मां भी गिर गई और लेकिन भीड़ के कारण जब तक उन तक पहुंचा, तब तक वे दम तोड़ चुकी थी.
दुर्गा पूजा पंडला में नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धक्का-मुक्की और भीड़ के कारण लोग बेहोश हो गए थे. मोटरसाइकिलों पर उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था और पंडाल से बाहर निकलने को धक्का-मुक्की हुई, क्योंकि भीड़ बहुत ज्यादा थी. हादसा बारिश होने से भी हुआ, क्योंकि बारिश से बचने के लिए लाइनों में खड़े लोग धक्के मारते हुए अंदर घुसने लगे थे. भीड़ की वजह से गेट टूट गया और उसके गिरने के डर से लोगों में अफरा-तफरी मच गई. अंदर जाने का रास्ता बहुत संकरा था और उस रास्ते से आवाजाही कंट्रोल करने के लिए सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे, इसलिए पंडाल में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठे.
संकरे एंट्री और एग्जिट गेट के कारण हादसा
एक महिला ने बताया कि वह अपने कुछ दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल में गई थी, लेकिन भगदड़ में उन्हें चोटें लगी हैं. इस दौरान मौके पर न एंबुलेंस थी और न ही पुलिस तैनाती थी. पंडाल का एंट्री और एग्जिट गेट काफी संकरे थे. बारिश हो रही थी और भारी भीड़ थी. रोशनी का इंतजाम नहीं था, जिस वजह से मेरी बेटी और पोती भगदड़ की चपेट में आईं. वहीं
चोरबागान सर्वजनिन के संस्थापक प्रीतम सरकार ने कहा कि बारिश और भीड़ के दबाव के कारण पंडाल का एक हिस्सा गिर गया था, जिससे बचने के चक्कर में भगदड़ मची. अंधेरे से रोशनी में जाने के चक्कर में भी धक्का-मुक्की मची थी.