कोलकाता, पश्चिम बंगाल मुर्शिदाबाद के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हुमायु कबीर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक वीडियो में उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वह “65 साल की उम्र में पागल हो गए हैं” और उनका विवाह कराने के लिए “40 साल की लड़की ढूंढेंगे” उनकी शादी का पूरा खर्च खुद उठाएंगे.
इतना ही नहीं, हुमायु कबीर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि 2026 विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद वे ममता बनर्जी को दीघा के जगन्नाथ मंदिर भेजने की व्यवस्था करेंगे, जहां वे “माला जपेंगी”.
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हुमायु कबीर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे गैर-जरूरी और भड़काऊ बता रहे हैं.
हालांकि, हुमायु कबीर का विवादों से पुराना नाता रहा है. 2024 में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने मुर्शिदाबाद में हिंदू-मुस्लिम आबादी को लेकर बयान दिया था, जिस पर व्यापक विवाद हुआ था. बाद में बेलडांगा में बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे के निर्माण की बात को लेकर भी वे चर्चा में आए थे. इसी विवाद के बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था.
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इसके बाद हुमायु कबीर ने “जनता उन्नयन पार्टी” नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी 100 से अधिक विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यदि अन्य दल साथ नहीं आते हैं तो उनकी पार्टी 294 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है.
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हुमायु कबीर के लगातार आक्रामक बयानों और अल्पसंख्यक समुदाय के एक वर्ग के समर्थन से राज्य की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है. हालांकि, उनके विवादित बयानों से सियासी माहौल और अधिक ध्रुवीकृत होने की आशंका भी जताई जा रही है.
अब देखना होगा कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल की राजनीति में यह नई हलचल किस दिशा में जाती है. फिलहाल हुमायु कबीर के इस बयान पर भाजपा और तृणमूल की ओर से औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. लेकिन इतना तय है कि बंगाल की सियासत में बयानबाजी का दौर अभी थमने वाला नहीं है.
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