चोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़: शुभेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों को दिए 25-25 लाख रुपये, विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप

पश्चिम बंगाल के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए थे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया. उन्होंने विपक्षी दलों पर पीड़ितों के साथ खड़े होने के बजाय घटना पर राजनीति करने का आरोप लगाया.

Suvendu Adhikari Chorbagan Stampede

चोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़ के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करते पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी. (Image- X/@SuvenduWB)

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को विपक्षी दलों पर चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और घायलों के साथ खड़ा होना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वे इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं. शुभेंदु अधिकारी उत्तर 24 परगना जिले के न्यू बैरकपुर स्थित प्रिया समद्दार के घर पहुंचे. प्रिया की मौत चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में हुई थी. मुख्यमंत्री ने उनके शोक में डूबे परिवार को राज्य सरकार की ओर से 25 लाख रुपये का मुआवजा भी सौंपा. उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भगदड़ मच गई थी. इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 25 अन्य लोग घायल हुए थे.

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विपक्षी दलों पर शुभेंदु अधिकारी ने उठाए सवाल

भगदड़ के बाद सरकार के इंतजामों और मौके पर पुलिस की व्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दलों ने सवाल उठाए थे. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, ‘कौन सा विपक्ष है? केवल विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट ही बचा है.’ तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) समेत दूसरे विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या भगदड़ के बाद कोई विपक्षी दल कोलकाता मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर या मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ा होने पहुंचा था. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 24 अक्टूबर तक भगदड़ में जान गंवाने वाले सभी लोगों के घर जाएंगे.

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दिलीप और दीपाली घोष के परिवार से भी मिले

शुभेंदु अधिकारी भगदड़ में मारे गए दिलीप घोष और दीपाली घोष के बारानगर स्थित घर भी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर पहले हुई दुर्घटनाओं के पीड़ितों की मदद नहीं करने का आरोप लगाया. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकार पहले हुई दुर्घटनाओं के पीड़ितों की मदद के लिए आगे नहीं आई. लेकिन हम भी इंसान हैं और मुख्यमंत्री होने के नाते मेरा कर्तव्य है कि मैं पीड़ितों के साथ खड़ा रहूं.’

भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने पर जोर

भगदड़ से मिले सबक के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई बातों पर ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि इस त्योहार में 10 करोड़ लोग शामिल होते हैं, इसलिए लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में प्रति एक लाख आबादी पर 106 पुलिसकर्मी हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भगदड़ के मामले में पुलिस की लापरवाही के आरोपों की जांच होगी. साथ ही, घटना के पीछे किसी साजिश की आशंका की भी पड़ताल की जाएगी. यह भी जांच होगी कि क्या किसी घोषणा के कारण अचानक भीड़ बढ़ गई थी.

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सरकारी अस्पतालों में सुधार का भरोसा

सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर सवाल पूछे जाने पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह केवल पांच महीने में स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगी. उन्होंने कहा कि घटना के दौरान मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजना पड़ा, लेकिन उनकी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, ‘हमें 49 वर्ष की गंदगी साफ करनी होगी. इनमें 34 साल वामपंथियों के शासन के और 15 साल तृणमूल कांग्रेस के शासन के हैं.’ मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से लेकर सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है. इस दौरान बारानगर से भाजपा विधायक सकल घोष भी मौजूद थे.

बरनाली हलदर और तानिया विश्वास के परिवारों को भी मुआवजा

शुभेंदु अधिकारी चोरबागान भगदड़ में मारी गईं बरनाली हलदर और तानिया विश्वास के न्यू टाउन के गौरांगनगर स्थित घर भी पहुंचे. उन्होंने दोनों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये के चेक दिए. इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री पूर्व बर्धमान जिले में तोगोर बेज (37) और उनके बेटे संदीप (14) के परिवार से मिले थे. दोनों की मौत भगदड़ में हुई थी. इसके बाद उन्होंने हुगली जिले के आरामबाग में पियाली प्रामाणिक (25) के परिवार से मुलाकात की. पियाली, तोगोर बेज की रिश्तेदार थीं. मुख्यमंत्री नादिया जिले के चकदह में आरती सरकार (45), हुगली जिले के बैद्यबाटी में श्रीपर्णा पोद्दार (26) और हावड़ा जिले के लिलुआ में आकृति राउत (17) के परिवारों से भी मिले थे.

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अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को सवाल किया था कि चोरबागान दुर्गा पूजा समिति में अहम पदों पर बैठे भाजपा नेताओं को भगदड़ के बाद गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जो भाजपा सरकार के कदमों पर सवाल उठा रहे हैं.

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