पश्चिम बंगाल छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और घाटों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद राज्य मंत्री अग्निमित्रा पाल ने बैठक को बेहद सफल बताया. उन्होंने मुख्यमंत्री को विस्तृत और सूक्ष्म स्तर पर योजना तैयार करने के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि छठ पूजा की तैयारियां केवल चोरबागान की हालिया घटना के बाद शुरू नहीं हुई हैं, बल्कि दुर्गा पूजा के दौरान भी इसी तरह की व्यापक योजना बनाई गई थी.
अग्निमित्रा पाल ने बताया कि इस बार मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में एक-एक मंत्री को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है. आसनसोल जिले की जिम्मेदारी अर्जुन सिंह को दी गई है, जबकि उन्हें कोलकाता में व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्होंने बताया कि अर्जुन सिंह भी बैठक में शामिल होने के लिए कोलकाता आए थे. बैठक में हिस्सा लेने के बाद वह वापस कोलकाता रवाना हो गए.
बैठक में प्रशासन से लेकर रेलवे और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारी रहे मौजूद
अग्निमित्रा पाल के मुताबिक, बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विभिन्न सरकारी एवं औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इसमें जिलाधिकारी (DM), पुलिस आयुक्त (CP), अतिरिक्त जिलाधिकारी (ADM), आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर, आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (ADDA), रेलवे, सेल, ईसीएल, मेडिकल विभाग के अधिकारी और विधायक भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि छठ पूजा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
दामोदर नदी में नाव और घाटों पर गोताखोरों की तैनाती पर जोर
छठ घाटों की सुरक्षा को लेकर अग्निमित्रा पाल ने बताया कि बैठक में दामोदर नदी में नाव की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है. उन्होंने कहा कि पानी में डूबने की घटनाओं के दौरान गोताखोरों को तत्काल कार्रवाई के लिए पानी के नीचे तक पहुंचने की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि भले ही हर जगह नाव की व्यवस्था संभव न हो, लेकिन बड़े-बड़े छठ घाटों पर गोताखोरों की तैनाती अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए.
इसके अलावा घाटों तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत, पर्याप्त रोशनी, महिलाओं और श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, बायो टॉयलेट और लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट की व्यवस्था की जाएगी. प्रत्येक घाट पर एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा, जो वहां की व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर नजर रखेगा.
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि छठ पूजा को लेकर कई स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं. आने वाले समय में लोगों को इन व्यवस्थाओं का असर साफ दिखाई देगा. उन्होंने मौजूदा और पिछली सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए कहा कि बंगाल की जनता खुद अनुभव करेगी कि पिछली सरकार और वर्तमान सरकार के काम करने के तरीके में कितना अंतर है.
ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग, इंद्रनील सेन के मामले को लेकर उठाए सवाल
बैठक के बाद राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए अग्निमित्रा पाल ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी जब मुख्यमंत्री थीं, तब भी कई मुद्दों पर उनकी पार्टी ने आवाज उठाई थी.
उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति भारतीय संविधान और भारतीय न्याय संहिता से ऊपर नहीं है. ऐसे में ममता बनर्जी कैसे कानून से ऊपर हो सकती हैं?” अग्निमित्रा पाल ने इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि यदि उन्हें कथित धोखाधड़ी और ठगी के मामले में गिरफ्तार किया जाता है और उस मामले से जुड़ा पैसा ममता बनर्जी के खाते में भी गया है, तो उनसे भी पूछताछ और कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? हालांकि, यह उनके द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है.
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बयान पर भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर भी अग्निमित्रा पाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सवाल किया कि खड़गे क्या पश्चिम बंगाल आकर इसी तरह की भाषा में बयान दे सकते हैं? उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना नहीं सिखाती, लेकिन वह खड़गे को चुनौती देती हैं कि वे पश्चिम बंगाल आकर ऐसा बयान देकर दिखाएं.
‘मोदी कहीं नहीं जा रहे, देश की महिलाओं ने अपना फैसला सुना दिया है’
अग्निमित्रा पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि देश की महिलाओं ने अपना समर्थन दिखा दिया है और प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं. उन्होंने दोहराया, “मोदी नहीं जाएंगे, मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं.” छठ पूजा की सुरक्षा तैयारियों से लेकर राज्य की राजनीति तक, अग्निमित्रा पाल के इस बयान में जहां प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकार की तैयारियों का जिक्र रहा, वहीं विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला भी देखने को मिला.