उत्तर प्रदेश में अब नक्शा पास करना और भी आसान होगा. यूपी सरकार नक्शा पास करने के लिए नो ओब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की प्रक्रिया में कुछ बदलाव करने वाली है. अब नक्शा पास करवाने के लिए गैर जरूरी एनओसी नहीं मांगी जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें एक ही प्रोफार्मा पर लिया जाएगा. किसी भी तरह की आपत्तियों का अब 15 दिनों के अंदर ही निपटारा किया जाएगा. प्रमुख सचिव आवास पी गुरुप्रसाद ने विकास प्राधिकरण उपाध्यक्षों की बैठक में ये आदेश दिए हैं
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क्या हैं निर्देश?
पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से लागू करने के लिए आवास विभाग ने पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है. जिसकी सिफारिशों के मुताबिक बदलाव किए जाएंगे. प्रमुख सचिव आवास के मुताबिक समिति की सिफारिशों को जल्द ही मंत्रीमंडल में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इससे प्रस्तावों पर जल्द फैसले लिए जा सकेंगे. ये भी कहा गया है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण जो प्रक्रिया अपना रहा है, उसे बाकी विकास प्राधिकरणों को मॉडल के तौर पर देखा जाए. सिर्फ शासकीय, हेरिटेज इमारतों वाले इलाकों से ही एनओसी मांगी जाए.
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'बिना वजह ना रोका जाए नक्शा'
विकास प्राधिकरणों को ये भी निर्देश दिया गया है कि मॉडल निर्माण एवं विकास उपविधि तथा जोनिंग नेगुलेशन-2025 के मुताबिक ही नक्शा पास किया जाए. जांच में ये सामने आया है कि दिसंबर 2025 तक यूपी के विकास प्राधिकरणों में 2517 नक्शे जमा हुए, जिसमें 596 पास हुए और 373 को रिजेक्ट कर दिया गया, जबकि 1544 पर अभी फैसला नहीं हो पाया है. विकास प्राधिकरणों को अब ये निर्देश दिए गए हैं कि बिना वजह की किसी नक्शे को ना रोका जाए.
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