TrendingRepublic DayGold Silver PriceDonald Trump

---विज्ञापन---

नोएडा अथॉरिटी को मिला नया CEO, कौन हैं IAS कृष्णा करुणेश? युवराज मेहता केस के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

युवराज मेहता मामले के बाद नोएडा अथॉरिटी में बड़ा फेरबदल हुआ है. तेज-तर्रार आईएएस कृष्णा करुणेश को नया सीईओ नियुक्त किया गया है, जो अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद नोएडा अथॉरिटी में बड़े बदलाव किए गए हैं. शासन ने तत्कालीन सीईओ लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया है और उनकी जगह 2011 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा अथॉरिटी का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ नियुक्त किया है. कृष्णा करुणेश इससे पहले अथॉरिटी में ही अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनात थे. शहर में सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनकी नियुक्ति को काफी अहम माना जा रहा है. अब उन पर शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने और जनता का भरोसा फिर से जीतने की बड़ी चुनौती होगी.

बिहार से ताल्लुक रखते हैं नए CEO

नए सीईओ कृष्णा करुणेश मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश कैडर के अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं. उन्होंने अपनी शिक्षा में एमए के साथ-साथ एलएलबी की डिग्री भी हासिल की है जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यों के साथ कानूनी बारीकियों की भी अच्छी समझ है. अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले वे यूपी के कई महत्वपूर्ण जिलों में तैनात रह चुके हैं. उन्होंने गाजियाबाद में एसडीएम और सीडीओ के रूप में काम किया है जबकि हापुड़ और बलरामपुर जैसे जिलों में वे जिलाधिकारी की कमान संभाल चुके हैं. कुशीनगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के तौर पर भी उन्होंने बेहतरीन सेवाएं दी हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट के पास 3D में दिखेगा भारत का इतिहास, बनेगा डिजिटल म्यूजियम और योग सेंटर

---विज्ञापन---

गोरखपुर के डीएम के तौर पर बटोरी सुर्खियां

कृष्णा करुणेश की गिनती उत्तर प्रदेश के उन अधिकारियों में होती है जो अपने सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं. गोरखपुर के जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने तब खूब सुर्खियां बटोरी थीं जब उन्होंने काम में लापरवाही बरतने वाले 9 लेखपालों को एक साथ सस्पेंड कर दिया था. यह उनके काम करने के बेबाक और अनुशासन प्रिय अंदाज को दर्शाता है. वे फाइलों को लटकाने के बजाय तुरंत एक्शन लेने में विश्वास रखते हैं. गोरखपुर उनके करियर का तीसरा जिला था जहां उन्होंने बतौर डीएम अपनी छाप छोड़ी थी. उनके इसी तेवर को देखते हुए शासन ने उन्हें नोएडा जैसे हाई-प्रोफाइल शहर की कमान सौंपी है.

युवराज मेहता केस और भविष्य की चुनौतियां

नोएडा के सेक्टर 150 में हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था. इस घटना के बाद से ही नोएडा अथॉरिटी की कार्यशैली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे. कृष्णा करुणेश की नियुक्ति ऐसे नाजुक समय में हुई है जब उन्हें शहर की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को बेहतर करना होगा. लोगों को उनसे उम्मीद है कि वे न केवल पुरानी गलतियों को सुधारेंगे बल्कि नोएडा को एक सुरक्षित और स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अथॉरिटी के कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए क्या नए बदलाव करते हैं.


Topics:

---विज्ञापन---