वक्फ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी भारी बहुमत से पास हो गया। वक्फ बिल अब कानून बनने से महज एक कदम दूर है। वक्फ बिल को संसद की मंजूरी मिल गई और अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा। मुस्लिम समाज से जुड़ा होने के चलते वक्फ संशोधन बिल को संसद से पास कराना बीजेपी को आसान नहीं था, लेकिन मोदी सरकार ने अपने गठबंधन के सहयोगी दलों के सहारे सारी अड़चनों को पार करते हुए बहुमत के साथ बिल को पास कराने में कामयाब रही। लेकिन समर्थन का अब साइड इफेक्ट दिखने लगा है। एक तरफ जहां जेडीयू के कई मुस्लिम नेता इस्तीफा दे चुके है वहीं, जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी को भी तगड़ा झटका लगा है।
RLD के प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने दिया इस्तीफा
राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने वक्फ बिल पर पार्टी के समर्थन से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने इस्तीफे की घोषणा की। साथ ही उन्होंने पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी पर तीखे हमले किए और कहा कि वह भटक चुके हैं। शाहजेब रिजवी ने कहा कि मुसलमानों ने पूरे दिल से जयंत चौधरी को समर्थन दिया था, लेकिन उन्होंने समुदाय के साथ न्याय नहीं किया।
‘जयंत की नीतियां मुस्लिम समुदाय के हितों के विपरीत’
शाहजेब रिजवी ने आरोप लगाया कि जयंत चौधरी सेक्युलरिज्म के मार्ग से भटक चुके हैं और अब उनकी नीतियां मुस्लिम समुदाय के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा, “मुसलमानों ने झोली भरकर जयंत चौधरी को वोट दिया था, लेकिन उन्होंने हमारे साथ खड़े होने के बजाय वक्फ बिल का समर्थन किया। यह हमारी भावनाओं और अधिकारों के खिलाफ है।’ वीडियो में उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों को मुसलमानों ने समर्थन दिया और मुख्यधारा में लाया आज वही पार्टियां उनके खिलाफ बने कानूनों का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने खास तौर पर जयंत चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि जो नेता खुद को सेक्युलर बताते थे, आज उन्होंने मुसलमानों को धोखा दिया है।
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जेडीयू के मुस्लिम नेताओं ने दिया इस्तीफा
वक्फ संशोधन बिल पर समर्थन करने के बाद जेडीयू के मुस्लिम नेताओं ने बगावत का झंडा उठा लिया है। जेडीयू के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक, प्रदेश महासचिव मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी अलीग, भोजपुर से पार्टी नेता मो. दिलशान राईन, मोहम्मद कासिम अंसारी, पूर्व प्रदेश सचिव एम. राजू नैयर, बेतिया जिला के उपाध्यक्ष नदीम अख्तर और पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष तबरेज हसन ने वक्फ बिल पर जेडीयू के समर्थन करने के बाद पार्टी छोड़ दी है। इन नेताओं ने कहा कि जेडीयू ने लाखों मुसलमानों का भरोसा तोड़ा है। यही नहीं जेडीयू के पूर्व एमएलसी और नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने वक्फ बिल पर जेडीयू के समर्थन करने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
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