Aligarh Viral News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण जोरों पर है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर का उद्घाटन अगले साल 2024 जनवरी में किया जाना तय माना जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की मानें तो उद्घाटन समारोह में 25,000 से ज्यादा धार्मिक लोग और मेहमान आमंत्रित किए गए हैं। ऐसे में अलीगढ़ जिले के एक बुजुर्ग कारीगर ने राम मंदिर के लिए एक 400 किलो का एक ताला बनाया है। बुजुर्ग का दावा है कि ये ताला दुनिया का सबसे बड़ा ताला है।

ये है ताले की खूबी

जानकारी के अनुसार, इस ताले का वजन करीब 400 किलोग्राम है। ताला नगरी अलीगढ़ में रहने वाले सत्य प्रकाश शर्मा ने कई महीनों की मेहनत के बाद इसे बनाया है। एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ताला 10 फीट ऊंचा, 9.5 इंच मोटा और 4.5 फीट चौड़ा है। उधर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधिकारियों का कहना है कि वे पहले जांच करेंगे कि ताले को इस्तेमाल में लाया जा सकता है या नहीं। बताया गया है कि इस विशाल ताले को हाल ही में अलीगढ़ प्रदर्शनी में भी प्रदर्शित किया गया था।

जीवन की कमाई में से लगाई रकम

बता दें कि इसस ताले की तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने भक्तों को भी चौंका दिया है। सत्य प्रकाश शर्मा ने बताया कि उनका परिवार एक सदी से भी ज्यादा समय से हस्तनिर्मित ताले बनाने के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे खुद 45 वर्षों से इस काम में लगे हैं। उन्होंने बताया कि इस ताले को बनाने में उनकी पत्नी ने भी काफी मदद की है। ताला बनाने में कुल खर्चा करीब 2 लाख रुपये आया है। ये पैसा उन्होंने अपने जीवन की कमाई में से बचाकर लगाया है।

अगस्त 2020 में पीएम मोदी ने रखी थी आधारशिला

बता दें कि 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के लिए भूमि पूजन किया था। पीएम मोदी ने राम मंदिर की आधारशिला के तौर पर 40 किलो वजन की चांदी की ईंट रखी थी। इस अवसर पर सभी धर्मों के आध्यात्मिक गुरुओं को आमंत्रित किया गया था। बताया गया है कि पीएम मोदी ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की, उसके बाद शिलान्यास किया।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
होम पेज पर वापस जाएँ