Uttar Pradesh News: हमले से गुस्साए ग्रामीणों ने बाघिन को पीट पीटकर मारा, बेबस रही वन विभाग की टीम

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में इंसान और वन्यजीवों के टकराव की एक दर्दनाक घटना सामने आई। गांव में घुसी 2 साल की बाघिन ने बछड़े पर हमला किया, जिससे लोग भड़क गए। गुस्साए ग्रामीणों ने बाघिन को घेरकर लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। वन विभाग की टीम बेबस रही।

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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक दर्दनाक घटना घटी, जहां एक 2 साल की बाघिन को गांववालों ने लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। यह बाघिन जंगल से भटककर फूलवरिया गांव में आ गई थी और वहां एक बछड़े पर हमला कर दिया। इससे गांव में हड़कंप मच गया। जब बाघिन ने दो ग्रामीणों को घायल कर दिया, तो गुस्साए लोगों ने उसे घेर लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली। वन विभाग की टीम उसे बचाने पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह घटना इंसानों और वन्यजीवों के संघर्ष की दुखद तस्वीर दिखाती है।

गांव में घुसी बाघिन को ग्रामीणों ने मार डाला

लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा बफर जोन में बुधवार सुबह एक 2 साल की बाघिन को गांववालों ने लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। यह घटना फूलवरिया गांव में हुई, जब बाघिन जंगल से भटककर गांव में आ गई और उसने दो लोगों पर हमला कर दिया। बाघिन ने पहले एक बछड़े पर हमला किया और फिर एक बुजुर्ग किसान ज्योति प्रसाद और एक महिला रामरानी को घायल कर दिया। घटना के बाद गुस्साए गांववालों ने बाघिन को घेर लिया और उसे लाठियों से मार दिया।

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वन विभाग की टीम पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने रोका

सूचना मिलते ही वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें गांव में घुसने नहीं दिया। काफी देर तक अधिकारी गांव के बाहर ही खड़े रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब तक वे अंदर पहुंचे, तब तक बाघिन की मौत हो चुकी थी। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच. राजमोहन ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। घायल बुजुर्ग किसान और महिला का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बाघिन के शव का पोस्टमॉर्टम होगा

दुधवा टाइगर रिजर्व डिवीजन के डिप्टी डायरेक्टर रंगराजू टी. ने बताया कि बाघिन के शव का पोस्टमॉर्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम करेगी। दुधवा के वेटरनरी एक्सपर्ट डॉक्टर दया शंकर ने बताया कि बाघिन के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे उसकी मौत हुई। यह घटना दुधवा टाइगर रिजर्व के करीब हुई, जो 2,201 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है और इसमें दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर और कतर्नीघाट वाइल्ड लाइफ सेंचुरी शामिल हैं।

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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

इससे पहले भी दुधवा टाइगर रिजर्व में ऐसी घटना हो चुकी है। 4 नवंबर 2018 को किशनपुर के चालतुआ गांव में एक बाघिन ने दो लोगों को मार दिया था, जिसके बाद गांववालों ने उसे ट्रैक्टर से कुचल दिया और लाठियों से पीटकर मार डाला था। वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों का कहना है कि जंगल के पास बसे गांवों में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, क्योंकि जंगल सिकुड़ रहे हैं और वन्यजीव भोजन की तलाश में गांवों की ओर आ रहे हैं।

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