वाराणसी-दिल्ली रूट पर स्लीपर वंदेभारत चलाने की तैयारी, प्रयागराज और कानपुर में भी रुकेगी ट्रेन
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदेभारत ट्रेन चलाने की तैयारी है. इस ट्रेन में 16 कोच और 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी. जानें इसका प्रस्तावित शेड्यूल, स्टॉपेज और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं.
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदेभारत ट्रेन में 16 कोच और 823 यात्रियों की क्षमता होगी. (Image- ANI & pib.gov.in)
वाराणसी से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को जल्द ही रात में सफर करने के लिए एक नया ऑप्शन मिल सकता है. दोनों शहरों के बीच स्लीपर वंदेभारत ट्रेन चलाने की तैयारी की जा रही है. योजना के मुताबिक, यह ट्रेन रात में वाराणसी से रवाना होकर अगली सुबह दिल्ली पहुंचेगी. इससे यात्रियों को दिन का समय सफर में बिताने के बजाय रात में सफर करने की सुविधा मिल सकती है. इस ट्रेन का शुभारंभ 31 अक्टूबर को वाराणसी में होने वाले कार्यक्रम के दौरान किया जा सकता है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं. शुरुआत में इसे विशेष ट्रेन के रूप में चलाए जाने की संभावना है. हालांकि, शुभारंभ और संचालन को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.
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वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर से होकर गुजरेगी ट्रेन
योजना के अनुसार, ट्रेन वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलेगी. रास्ते में प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर भी रुकेगी. इन दोनों स्टेशनों पर भी ट्रेन के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं. देश की पहली वंदेभारत ट्रेन वाराणसी से नई दिल्ली के बीच ही शुरू हुई थी. फिलहाल इस मार्ग पर दो वंदेभारत ट्रेनें चल रही हैं. वाराणसी से देश के दूसरे हिस्सों के लिए भी करीब आधा दर्जन वंदेभारत ट्रेनें चलती हैं. अभी जम्मू से श्रीनगर के बीच देश की एकमात्र स्लीपर वंदेभारत ट्रेन चल रही है. नई ट्रेन शुरू होने से लंबा सफर करने वाले यात्रियों को भी वंदेभारत के स्लीपर कोच में सफर करने का ऑप्शन मिलेगा.
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रात 8:50 बजे वाराणसी से चलेगी ट्रेन
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी से दिल्ली जाने वाली ट्रेन रात 8:50 बजे चलेगी. यह रात 10:35 बजे प्रयागराज पहुंचेगी और वहां पांच मिनट रुकने के बाद कानपुर की तरफ बढ़ेगी. अगले दिन सुबह 5:55 बजे ट्रेन नई दिल्ली पहुंच सकती है. वापसी में ट्रेन रात 9:40 बजे नई दिल्ली से चलेगी. अगले दिन सुबह 4:45 बजे प्रयागराज और सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचने पहुंच सकती है. संचालन शुरू होने पर ट्रेन हफ्ते में छह दिन चल सकती है. शनिवार को यह नहीं चलेगी. यह सभी समय अनुमानित हैं, क्योंकि रेलवे की अंतिम अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है.
16 कोच में 823 यात्रियों के सफर की व्यवस्था
स्लीपर वंदेभारत में कुल 16 कोच होंगे और एक बार में 823 यात्री सफर कर सकेंगे. यात्रियों की जरूरत के हिसाब से इसमें तीन कैटेगरी के एसी स्लीपर कोच रखे गए हैं. इससे यात्री अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक कोच चुन सकेंगे.
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कोच का प्रकार
कोचों की संख्या
यात्रियों की क्षमता
थर्ड एसी (3AC)
11
611
सेकंड एसी (2AC)
4
188
फर्स्ट एसी (1AC)
1
24
कुल
16
823
आरामदायक नींद के लिए खास डिजाइन
स्लीपर वंदेभारत को खास तौर पर रात की लंबी यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसकी बर्थ में अतिरिक्त कुशनिंग दी गई है, ताकि यात्रियों को सफर के दौरान अधिक आराम मिल सके और झटकों का असर कम महसूस हो. ट्रेन के अंदर आधुनिक इंटीरियर, चौड़ी खिड़कियां और सेंसर से चलने वाले ऑटोमैटिक दरवाजे दिए गए हैं. इसके अलावा बायो-टॉयलेट, बिना छुए इस्तेमाल होने वाले नल और हैंड वॉशर जैसी सुविधाएं भी होंगी. फर्स्ट एसी कोच में गर्म पानी से नहाने के लिए शॉवर भी है. कोच का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि बाहर का शोर कम सुनाई दे. इससे यात्रियों को रात में आराम करने सुविधा मिल सकती है.