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टूट गईं सांसें, 'जिंदा' रही ममता, आखिरी पल तक सीने से चिपकाए रखे जुड़वा बेटे, उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा

Uttarakhand Cloudburst: उत्तराखंड के चमोली में नंदानगर तहसील के 4 गांवों में बादल फटने के बाद भयंकर मबाही मची, वहीं एक गांव से 7 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन सबसे दर्दनाक तबाही उस घर में मची, जहां से एक शख्स को तो जिंदा निकाला लिया गया, लेकिन उसकी पत्नी और जुड़वा बेटों का मलबे ने नीचे ही दम घुट गया.

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बादल फटने से 4 गांवों में भयंकर तबाही मची थी.

Uttarakhand Cloudburst Inside Story: उत्तराखंड में बदल फटने के बाद तबाही का वो खौफनाक मंजर दिखने को मिला, जिसने NDRF के सदस्यों को भी झकझोर कर रख दिया. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान NDRF की टीम ने मलबे के नीचे से महिला और 2 बच्चों के निकाले, लेकिन इस दौरान उन्होंने दिल दहला देने वाली तस्वीर देखी. तीनों शव मां और उसके 2 जुड़वा बेटों के थे, जिन्हें मां आखिरी सांस तक सीने से चिपकाए बैठी थी. मलबा उठाते हुए महिला बैठी हुई अवस्था में थी और उसने अपने 10 साल के दोनों बेटों को बांहों में जकड़कर सीने से लगा रखा था.

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पति बचा, पत्नी और बच्चों की मौत

हालांकि NDRF की टीम ने महिला के पति कुंवर सिंह को तो जिंदा मलबे से निकाल लिया, लेकिन टीम उसकी 38 साल की पत्नी कांता और उसके दोनों बेटों को नहीं बचा सकी. वहीं कुंवर सिंह ने जब पत्नी कुंती और बच्चों की हालत देखी तो वह चीखें मार-मार कर रोने लगा. कांता और दोनों बच्चे दम तोड़ चुके थे, लेकिन आखिरी सांस तक वह उन्हें बचाने की कोशिश करती रही. जिस शख्स ने वह मंजर देखा, उसकी आंखों से आंसू बहे. कांता चीखती चिल्लाती रही, लेकिन कोई समय रहते उसे निकाल नहीं पाया. इस तरह एक मां की ममता मलबे के नीचे दबकर मौत से हार गई.

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3 दिन पहले फटा था बादल

बता दें कि उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में कुंतरी गांव में 17 सितंबर को बदल फटने से हजारों टन मलबा आया, जिसे नीचे कई घर दब गए थे. NDRF और SDRF की टीमों ने एक मकान से लोगों के चिल्लाने की आवाजें सुनीं. करीब 32 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे के नीचे दबे एक घर से छत को कटर मशीनों से काटकर कुंवर सिंह नामक शख्स को निकाल लिया गया, लेकिन उसकी पत्नी और दोनों बेटे तब तक दम तोड़ चुके थे, तीनों के शव बरामद हुए. कुंतरी गांव में 7 लोगों ने जान गंवाई. 2 के शव गुरुवार को मिले और 5 शव शुक्रवार को बरामद हुए.

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4 गांवों में मची भयंकर तबाही

बता दें कि भारी बारिश के चलते 17-18 सितंबर की रात को करीब 2:30 बजे चमोली जिले के नंदानगर तहसील में बादल फटने से भयंकर आपदा आई थी. फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी, भैंसवाड़ा, धुर्मा और सरपाणी गांवों में सबसे ज्यादा तबाही मची. बादल फटने के बाद आए पानी, मिट्टी और पत्थरों के नीचे कई मकान दब गए और खेत बर्बाद हो गए. NDRF और SDRF की टीमों ने सेना और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लेकर आर्थिक मदद का आश्वासन दिया.

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