Varanasi News (अभिषेक दुबे): वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की दीवार पर स्थापित मां श्रृंगार गौरी के दर्शन के लिए भीड़ उमड़ी। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन हर साल एक ही दिन श्रद्धालु दर्शन-पूजन करते हैं। बता दें, पिछले सरकारों में ज्ञानवापी में स्थित माता श्रृंगार गौरी को जैसे कैद कर लिया हो, ऐसा ही काम किया गया था। वहां दर्शन-पूजन सब बंद कर दिया गया था। लेकिन काफी संघर्षों के बाद साल 2005 में एक दिन के दर्शन-पूजन के लिए मंदिर खुला, चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी को। तब से आज तक इस परंपरा को काशीवासी निभाते चले आ रहे हैं। साल में एक दिन के लिए खुलने वाले इस मंदिर ज्ञानवापी स्थित माता श्रृंगार गौरी का दर्शन खुलते ही भक्तों का आने का क्रम चालू हो गया।
कोर्ट से मिली अनुमति
मां श्रृंगार गौरी के रोजाना दर्शन-पूजन को लेकर मामला फिलहाल जिला न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि, 1993 से हर साल चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी पर दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाती रही है। चित्रा सिनेमा के पास सभी भक्तजन जमा होकर हाथों में पूजन सामग्री, माला-फूल, प्रसाद, नारियल, ध्वज लेकर माता की जयकार करते हुए गुलशन कपूर काशीपुत्र के नेतृत्व में ज्ञानवापी पहुंचे। सर्वप्रथम माता का ज्ञानवापी कूप के जल से स्नान कराया गया। फिर गुलाब, अढुल, बेला के फूल से श्रृंगार किया गया। इसके बाद माता को सिंदूर अर्पण करके विविध मिष्ठान का भोग लगाकर आरती की गई।
इसके बाद सभी भक्त हाथों में नारियल लेकर मंदिर की परिक्रमा कर नारियल चढ़ाया। माता के पूजन के बाद सभी परंपरा अनुसार ज्ञानवापी कूप के जल से बाबा विश्वनाथ जी का भी जलाभिषेक किया गया और माता अन्नपूर्णा जी, ढुंढिराज श्री गणेश जी का भी दर्शन-पूजन करके फिर ज्ञानवापी प्रांगण में सुंदर कांड स्थल पर पहुंचे और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर कार्यक्रम पूरा किया गया।
साल में सिर्फ एक दिन खुलता है मंदिर
ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी का मंदिर पूरे साल में केवल चैत्र नवरात्रि की चतुर्थी तिथि को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस खास अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। दर्शन के दौरान परिसर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
ये भी पढ़ें- नोएडा अथॉरिटी का बड़ा एक्शन, बिल्डर के खिलाफ जारी की RC, जीएस प्रमोटर्स पर कराई FIR