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बासी खाने ने ले ली जान! UP में मिड डे मील खाने से 1 छात्रा की मौत, 5 की हालत गंभीर

UP Jalaun Student Died from Mid Day Meal: स्कूलों में बासी खाना परोसने की कवायद काफी पुरानी है। हालांकि क्या बासी खाना खाने से किसी की जान भी जा सकती है? उत्तर प्रदेश से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां बासी खाने ने 1 छात्रा की जान ले ली और 2 की हालत काफी गंभीर है।

UP Jalaun Student Died from Mid Day Meal: उत्तर प्रदेश के जालौन से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। बासी खाना खाने से 1 छात्रा की मौत हो गई है। साथ ही कई छात्राओं की हालक गंभीर बताई जा रही है। छात्राओं को अस्पताल में भर्ती किया गया है। मगर इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। खबरों की मानें तो 2 छात्राओं की हालात काफी नाजुक है।

इलाज के दौरान छात्रा की मौत

यह मामला जालौन के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का है। स्कूल में 5 छात्राओं को मिड डे मील परोसा गया था। खाने की थाली में दाल-चावल, लौकी की सब्जी, रोटी और खीर मौजूद थी। सभी छात्राओं ने बेहद चाव से खाना खाया। मगर खाने के फौरन बाद छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी। छात्राओं को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक छात्रा ने दम तोड़ दिया। यह भी पढ़ें- Farmers Protest: कीलें-कंक्रीट की दीवार, 3 लेयर सिक्योरिटी; आज दिल्ली कूच करेंगे किसान, रोकने की तैयारी कैसी?

पेट में शुरू हुआ दर्द

खबरों की मानें तो खाना खाने के बाद छात्राओं के पेट में दर्द शुरू हो गया। ऐसे में स्कूल के स्टाफ ने सभी को पेट दर्द की दवा दे दी। दवा खाते ही छात्राओं के उल्टी होने लगी। ऐसे में स्कूल स्टाफ छात्राओं को पिंडारी CHC अस्पताल ले गया। सभी छात्राओं को यहां भर्ती करवाया गया।

3 की तबीयत में सुधार

2 छात्राओं की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें उरई रेफर कर दिया गया। इस दौरान एक छात्रा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया और दूसरी की हालत गंभीर है। बाकी 3 छात्राओं की हालत में सुधार देखकर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।

मृतक छात्रा ने 1 साल पहले लिया था एडमिशन

बता दें कि पिंडारी के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में कुल 100 छात्राएं पढ़ती हैं। इनमें से 71 छात्राएं स्कूल में ही रहती हैं। सभी ने एक-साथ खाना खाया था। मगर 5 छात्राओं की हालत काफी बिगड़ गई थी। मृतक छात्रा का नाम छाया है, जो कक्षा 6 में पढ़ती थी। भरसूड़ा गांव की रहने वाली छाया ने 1 साल पहले ही स्कूल में एडमिशन लिया था। यह भी पढ़ें- 10 साल बाद बिछड़े मां-बेटे का मिलन, हिंदू बन जी रहा था मुस्लिम युवक, जानें किसने-कैसे मिलवाया?


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