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सिर्फ आर्य समाज मंदिर के सर्टिफिकेट से शादी को नहीं मिलेगी मान्यता, रस्में भी जरूरी; इलाहबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आर्य समाज मंदिर के मैरिज सर्टिफिकेट को सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है. अदालत ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सिर्फ सर्टिफिकेट से ये साबित नहीं किया सकता है कि शादी वैलिड है या नहीं, बल्कि इसके लिए सभी हिंदू रीति रिवाजों से शादी होना अनिवार्य है.

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शादी की मान्यता के लिए सिर्फ आर्य समाज मंदिर का सर्टिफिकेट काफी नहीं: HC (Photo: ANI)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आर्य समाज मंदिर के मैरिज सर्टिफिकेट को सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है. अदालत ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सिर्फ सर्टिफिकेट से ये साबित नहीं किया सकता है कि शादी वैलिड है या नहीं, बल्कि इसके लिए सभी हिंदू रीति रिवाजों से शादी होना अनिवार्य है. दरअसल, याचिकाकर्ता रोहित पांडे पर ये आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उन्होंने 2007 में आर्य समाज मंदिर में सुचेता तिवारी के साथ शादी की थी, जिसके बाद सशस्त्र सीमा बल का ये कहना था कि रोहित पांडे ने ड्यूटी ज्वॉइन करते वक्त झूठी जानकारी दी. SSB ने उन्हें दोषी करार देते हुए 28 अप्रैल 2022 को नौकरी से निकाल दिया. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए SSB के इस आदेश को रद्द कर दिया है.

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2015 में रचाई दूसरी शादी

इलाहाबाद कोर्ट के आगे याचिकाकर्ता रोहित पांडे ने ये तर्क दिया कि उनकी शादी हिंदू रीति-रिवाजों से नहीं हुई थी और ना ही उन्होंने अपनी पत्नी के साथ सात फेरे लिए. हालांकि विभागीय जांच के दौरान आर्य समाज मंदिर के सर्टिफिकेट के आधार पर ये मान लिया गया था कि रोहित पांडे की शादी हुई है. इसके बाद 2015 में रोहित ने दूसरी महिला के साथ शादी रचाई, जिसकी उनके डिपार्टमेंट ने निंदा भी की. इस पूरे मामले को बारीकी से देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आर्य समाज मंदिर के मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर ये नहीं कहा जा सकता कि शादी हिंदू विवाह अधिनियम के मुताबिक हुई थी.

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कोर्ट ने SSB को दिए आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि शादी कानूनी तौर पर वैलिड नहीं थी, ऐसे में जवान को नौकरी से बर्खास्त करने का आधार ही खत्म हो जाता है. अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए सशस्त्र सीमा बल की बर्खास्तगी को अवैध करार देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो बिना देरी किए रोहित पांडे की नौकरी बहाल करे. लेकिन कोर्ट के ‘काम नहीं, वेतन नहीं’ नियम के तहत रोहित पांडे को 28 अप्रैल 2022 से लेकर अब तक की सैलरी नहीं मिल पाएगी. कोर्ट ने सशस्त्र सीमा बल को ये भी कहा कि रोहित पांडे की सर्विस को रेगुलर ही माना जाएगा.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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