Agra conversion case: आगरा में धर्मांतरण के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। धर्मांतरण गिरोह से जुडे़ 10 सदस्यों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि युवाओं को मानसिक रूप से कट्टर बनाकर उन्हें धर्मांतरण के लिए तैयार किया जाता था। इसके लिए डार्क वेब और सोशल मीडिया का यूज किया जाता था। अरेस्ट किए गए आरोपियों में से एक आयशा की फोटो पुलिस ने सोशल मीडिया से ली है। जिसमें वह काले लिबास में नजर आ रही है। इसके अलावा उसके हाथों में एके-47 भी है।
जांच के लिए पहुंची केंद्रीय एजेंसियां
मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि आगरा पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। गिरोह के दो प्रमुख सरगना अलीहसन और ओसामा थे। इन्होंने पूरे देश में धर्मांतरण के एजेंट फैला कर रखे थे। कई प्रदेशों में इन लोगों ने धर्मांतरण कराया। हालांकि अभी यह संख्या बाहर नहीं आई है कि कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया था।
बता दें कि इस मामले में पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियां भी आगरा आई है। वहीं एक मात्र महिला आयशा से भी पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। छांगुर बाबा गैंग से इसका क्या कनेक्शन था इसको लेकर अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
विदेशों से होती थी फंडिंग
पुलिस बलरामपुर के बाद आगरा धर्मांतरण मामले में लगातार एक्टिव है और सबूत जुटा रही है। इस गिरोह को पाकिस्तान, कनाडा और दुबई जैेसे देशों से फंडिंग होती थी। जिसके जरिए वे पहले युवाओं को पैसों का लालच देते इसके बाद उनका ब्रेन वॉश करते और फिर आसानी ने झांसे में लेकर उसका धर्म परिवर्तन करा लेते।