यूपी के 19 जिले संवेदनशील, बुलंदशहर में क्यों है हमले का सबसे अधिक खतरा?
Author: Md Junaid Akhtar
May 06, 2025 07:47 PM IST
UP Mockdrill: पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों के 259 शहरों में मॉक ड्रिल की जाएगी। इनमें उत्तर प्रदेश के भी 19 जिले शामिल हैं। इस लिस्ट में बुलंदशहर को ए कैटेगरी में रखा गया है। वहीं 16 शहरों को बी कैटेगरी में रखा गया है। इसके अलावा दो शहरों को सी कैटेगरी में रखा गया है। आशंका जताई जा रही है कि अगर पाकिस्तान से जंग होती है तो वह बुलंदशहर के नरौरा स्थित परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है। 7 मई को 19 शहरों को भी मॉक ड्रिल के लिए चिन्हित किया गया है।
7 मई को होगी मॉक ड्रिल
यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि सिविल डिफेंस के मॉक ड्रिल के संबंध में भारत सरकार से निर्देश प्राप्त हुए हैं। यूपी के 19 जिलों में मॉक ड्रिल कराई जाएगी। इनमें एक जिला बुलंदशहर ए श्रेणी में है। इसके अलावा बी कैटेगरी आगरा, प्रयागराज, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, बक्शी का तालाब, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर और सरसावा को रखा गया है। जबकि सी कैटेगरी बाग्मत और मुजफ्फरनगर शामिल हैं। इन 19 जिलों में 7 मई को मॉक ड्रिल कराई जाएगी।
बुलंदशहर में क्यों है हमले का सबसे अधिक खतरा?
बुलंदशहर के नरौरा इलाके में परमाणू केंद्र है। इसे नरौरा परमाणु ऊर्जा स्टेशन भी कहा जाता है। नरौरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों में स्थित बेहतरीन परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक है। इसमें दो परिचालन इकाइयां हैं जिन्हें IN-7 नरौरा 1 और IN-8 नरौरा 2 बिजली संयंत्र कहा जाता है। नरौरा का डिजाइन, निर्माण और संचालन Nuclear Power Corporation of India (NPCIL) द्वारा किया जाता है। यह एक परिचालन संयंत्र है, जो बेसलोड बिजली संयंत्र के रूप में कार्य करता है। इस संयंत्र में, Pressurized Heavy Water Reactor (PHWR) का उपयोग किया जाता है। बिजली संयंत्र से उत्पादित रेडियो आइसोटोप और परमाणु ऊर्जा का उपयोग कृषि और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
19 जिलों में रहेगा अलर्ट
डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि यहां की संवेदनशीलता को मद्देनजर रखते हुए शासन द्वारा यह निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में सिविल प्रशासन, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ मिलकर यह मॉक ड्रिल की जाए ताकि आकस्मिकता की स्थिति में हम इन चीजों से निपट सकें।