Waqf Board reconstitution: उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर योगी सरकार के फैसले ने नई सियासी बहस छेड़ दी है. अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने साफ कर दिया है कि नए कानून के तहत यूपी वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन होगा और उसमें व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा. सरकार इसे पारदर्शिता और सुधार का कदम बता रही है, लेकिन विपक्ष इसे मुसलमानों के धार्मिक मामलों में दखल और राजनीतिक एजेंडा करार दे रहा है. बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इस पर आपत्ति जताई है.
मध्य प्रदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन की तैयारी तेज हो गई है. अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा है कि नए वक्फ कानून के तहत यूपी वक्फ बोर्ड का गठन किया जाएगा जिसमें व्यापक प्रतिनिधित्व होगा. सरकार का दावा है कि इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और व्यवस्था पहले से ज्यादा जवाबदेह बनेगी.
विपक्ष ने योगी सरकार पर बोला तीखा हमला
मंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है. समाजवादी पार्टी का आरोप है कि सरकार मुसलमानों को निशाना बना रही है. सपा प्रवक्ता मनोज यादव ने कहा कि अगर वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया जा सकता है तो फिर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में भी एक-दो मुस्लिम सदस्यों को जगह दी जानी चाहिए. सपा का कहना है कि सरकार समानता की बात करती है तो उसे हर धार्मिक संस्थान पर एक जैसा नियम लागू करना चाहिए.
वक्फ बोर्ड का मुद्दा अब सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाकर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है. प्रियंका गुप्ता का कहना है कि रोजगार, महंगाई और किसानों के सवालों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दे उछाले जा रहे हैं.
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने जताई आपत्ति
इस पूरे विवाद पर कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और वक्फ से जुड़े लोगों ने भी आपत्ति जताई है. इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के प्रवक्ता सुफियान निज़ामी का कहना है कि वक्फ शरीयत से जुड़ा धार्मिक विषय है और उसके संचालन में अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप उचित नहीं है. उनका तर्क है कि धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए.
बीजेपी के मुस्लिम नेताओं ने किया समर्थन
हालांकि बीजेपी के मुस्लिम नेताओं ने सरकार के फैसले का खुलकर समर्थन किया है. पूर्व मंत्री मोहसिन राजा का कहना है कि वर्षों से वक्फ संपत्तियों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं. नए कानून और नए ढांचे से पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और वक्फ की संपत्तियों का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचेगा.
यूपी में वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन अब सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. बीजेपी इसे पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार का एजेंडा बता रही है, जबकि सपा, कांग्रेस और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक मामलों में दखल और ध्रुवीकरण की राजनीति बता रहे हैं. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वक्फ बोर्ड का मुद्दा हिंदू-मुस्लिम राजनीति की नई बहस को कितना तेज करेगा और इसका सियासी फायदा किसे मिलेगा, इस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी रहेगी.
संबंधित खबरें
अमित शाह का मिशन यूपी 2027, बीजेपी की चुनावी तैयारी को मिलेगी धार?
51 mins agoकरवा चौथ पर आपके शहर में कब निकलेगा चांद? देखें चंद्रोदय का सही समय
3 hrs agoआजम खान पर ED का एक्शन, जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क
3 hrs agoइलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों का हंगामा, जज की ओर फेंकी गईं कुर्सियां
4 hrs ago'आप बार-बार परीक्षा क्यों लेती हैं' आकाश के सवाल पर क्या बोलीं मायावती?
6 hrs agoकल का मौसम: चक्रवात 'अर्नब' के चलते करवा चौथ पर हो पाएगा चांद का दीदार?
8 hrs agoNDA बनाम 'INDIA' : MLC चुनाव में किसने कहां मारी बाजी; कौन हारा-कौन जीता?
9 hrs agoरात को ट्रेन में नहीं चार्ज कर पाएंगे फोन या लैपटॉप, भारतीय रेलवे का ऐलान
10 hrs agoकैमरे के सामने फूट-फूटकर रोने वाले सपा प्रत्याशी दूसरी बार जीते MLC चुनाव
11 hrs agoयोगी सरकार ने बढ़ाया मजदूरों का न्यूनतम वेतन, हर महीने मिलेगी इतनी सैलरी
14 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines