मुख्य जानकारी:
- यूपी में एक ही संस्थान में पढ़ने वाली दो बहनों में से एक की ट्यूशन फीस पूरी तरह माफ करने की तैयारी है.
- इस योजना का लाभ यूपी बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्ववित्तपोषित स्कूलों को भी मिलेगा.
- सरकार ने इसके लिए प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर और लखनऊ जैसे शहरों से कक्षा 9 से 12 तक का डाटा मांगा है.
- योजना के नियम और आय सीमा को अंतिम रूप देने के लिए 1 जुलाई को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है.
- जुलाई के अंत तक कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद इस ऐतिहासिक फैसले का शासनादेश जारी हो जाएगा.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उन परिवारों को एक बहुत बड़ी राहत देने जा रही है जिनकी दो बेटियां एक साथ पढ़ाई कर रही हैं. सरकार की नई योजना के तहत यदि किसी परिवार की दो बहनें एक ही स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एक साथ पढ़ रही हैं, तो उनमें से एक बच्ची की ट्यूशन फीस पूरी तरह से माफ कर दी जाएगी या फिर सरकार द्वारा उसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा को अमली जामा पहनाने के लिए शासन स्तर पर कवायद तेज हो गई है. इसका लाभ यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई सहित सभी बोर्डों के स्ववित्तपोषित स्कूलों को मिलेगा.
योगी सरकार यह नई योजना किन परिवारों पर लागू होगी?
इस कल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है. शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक यह लाभ उन परिवारों को दिया जाएगा जो सरकार द्वारा निर्धारित आय सीमा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं. यदि ऐसे किसी जरूरतमंद परिवार की एक से अधिक बच्चियां किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान में एक साथ अध्ययन कर रही हैं, तो दूसरी बच्ची की फीस या तो स्कूल स्तर पर माफ कराई जाएगी या फिर राज्य सरकार स्वयं उस फीस की भरपाई करेगी.
स्कूलों और जिला विद्यालय निरीक्षकों से मांगा गया डाटा
योजना को व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक तथा सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजा है. इस पत्र के जरिए प्रदेश भर के अलग-अलग बोर्डों के स्कूलों में पढ़ रहीं ऐसी छात्राओं का पूरा विवरण मांगा गया है. इसके अंतर्गत यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों की कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक की उन सभी बच्चियों का समस्त डाटा और उनकी ट्यूशन फीस का पूरा विवरण तलब किया गया है जो इस दायरे में आ सकती हैं.
1 जुलाई को होने वाली बैठक में कौन शामिल होगा?
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के त्वरित क्रियान्वयन के लिए शासन स्तर पर 1 जुलाई 2026 को एक अत्यंत उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है. इस महत्वपूर्ण बैठक में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों के प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. इनके अलावा महिला कल्याण विभाग तथा वित्त विभाग के शीर्ष अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना के वित्तीय पहलुओं और इसके संचालन की रूपरेखा को पूरी तरह से तय करना है.
डाटा जुटाने के लिए विद्यालयों को चिन्हित किया
शिक्षा से जुड़े विभागों के प्रतिनिधियों को बैठक में आने से पहले कुछ प्रमुख क्षेत्रों का सटीक डाटा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके लिए मुख्य रूप से प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर और लखनऊ जिलों को चिन्हित किया गया है. इन शहरों में संचालित हो रहे यूपी बोर्ड, सीबीएसई तथा आईसीएसई के स्ववित्तपोषित यानी प्राइवेट माध्यमिक विद्यालयों द्वारा कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस का समस्त विवरण और डाटा एकत्रित कर अधिकारियों को बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया है.
फीस माफी का अंतिम आदेश कब तक जारी होने की उम्मीद?
जानकारों और विभागीय सूत्रों की मानें तो 1 जुलाई को होने वाली इस बैठक में ही पूरे मामले को अंतिम रूप दे दिया जाएगा. इसके बाद इस पूरे प्रस्ताव और नीतिगत मसौदे को अगले महीने यानी जुलाई के तीसरे या चौथे सप्ताह में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है. जैसे ही कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगेगी, वैसे ही प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में एक ही परिवार की दो बच्चियों में से एक की ट्यूशन फीस माफ करने का आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया जाएगा.
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा दो बहनों में से एक की फीस माफ करने का यह कदम महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में बेहद सराहनीय है. सभी बोर्डों के स्कूलों को इस दायरे में शामिल करने से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी और बेटियों की पढ़ाई बीच में नहीं छूटेगी.
Q1: उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई योजना के तहत किस प्रकार की फीस माफ की जाएगी?
Q2: क्या इस योजना का लाभ केवल यूपी बोर्ड के सरकारी स्कूलों की छात्राओं को ही मिलेगा?
Q3: डेटा जुटाने के लिए विशेष रूप से किन कक्षाओं की छात्राओं का विवरण मांगा गया है?
Q4: योजना को अंतिम रूप देने के लिए उच्च स्तरीय बैठक कब आयोजित की जा रही है?
Q5: यह योजना उत्तर प्रदेश में कब तक पूरी तरह से लागू हो सकती है?
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