जनगणना 2027 के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश के लोग 16 से 30 नवंबर तक अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे. इस प्रक्रिया को स्वगणना कहा जाता है. इसके लिए लोग तय पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और सदस्यों से जुड़ी जानकारी भर सकेंगे. स्वगणना की प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा कराने के लिए विकास भवन के सभागार में जिला स्तर के अधिकारियों को जानकारी दी गई.
गुरुवार को हुए इस कार्यक्रम में फील्ड ट्रेनर्स ने अधिकारियों को बताया कि स्वगणना कैसे करनी है और जनगणना से जुड़े काम किस तरह पूरे करने हैं. मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों से सरकार को विकास योजनाएं बनाने और लोगों के कल्याण के लिए नीतियां तैयार करने में मदद मिलती है. इसलिए हर परिवार की जानकारी सही और पूरी दर्ज होना जरूरी है.
हर विभाग में एक अधिकारी की होगी जिम्मेदारी
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नगर निकायों, तहसीलों और सरकारी कार्यालयों में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए. ये अधिकारी जनगणना से जुड़े कामों पर नजर रखेंगे और उनके बीच तालमेल बनाएंगे. सभी विभागों को 24 नवंबर तक स्वगणना की रिपोर्ट जमा करने को भी कहा गया है.
जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल
जनगणना के दूसरे चरण में कर्मचारी यानी प्रगणक(Enumerator) हर व्यक्ति से 40 सवाल पूछेंगे. इनमें ये जानकारियां शामिल होंगी:
- नाम और परिवार के मुखिया से रिश्ता
- लिंग, जन्मतिथि और उम्र
- धर्म और जाति
- माता-पिता से जुड़ी जानकारी
- मातृभाषा और पढ़ने-लिखने की जानकारी
- डिजिटल साक्षरता यानी डिजिटल साधनों का इस्तेमाल करने की जानकारी
- शिक्षा का स्तर
- जन्म स्थान और पहले कहां रहते थे
- अभी का पता और अन्य जरूरी विवरण
16 से 30 नवंबर तक खुद भर सकेंगे जानकारी
स्वगणना के लिए 16 से 30 नवंबर तक का समय तय किया गया है. इस दौरान लोग तय पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और परिवार के सदस्यों की जानकारी खुद भर सकेंगे. मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे इस काम को गंभीरता से लें और अपने विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसकी जानकारी दें. इससे लोग समय पर अपने परिवार की सही और पूरी जानकारी दर्ज कर सकेंगे.