UP Assembly Budget Session: यूपी विधानसभा का बजट सत्र की आज से शुरुआत हो गई है। राज्यपाल आनंदी बेन ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, सपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान विधायकों ने राज्यपाल वापस जाओ और गो-बेक के नारे लगाए। इस दौरान नारेबाजी करते हुए सपा विधायक वेल में आ गए। विधायकों ने कहा कि महाकुंभ भगदड़ में कितनी मौते हुईं? सरकार को आंकड़ा जारी करना चाहिए। सरकार को झूठा भाषण बंद करना चाहिए। अत्याचारी सरकार सच छिपा रही है।
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा के बाहर सपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। सपा विधायक अतुल प्रधान खुद को बेड़ियों में जकड़कर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अमेरिका में जिस तरह से भारतीयों का अपमान हो रहा है। वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उन्होंने साइकिल में मटकी टांग रखी थी। जिस पर नैतिकता का अस्थि कलश लिखा था।
हंगामे के बाद सदन स्थगित
वहीं बजट सत्र में हंगामे पर शिवपाल यादव ने कहा कि पीआर बढ़ाने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। ऐसी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। 144 साल का उल्लेख ग्रंथों में कहीं नहीं है। बता दें कि राज्यपाल का भाषण 59 मिनट की अवधि के लिए तैयार किया गया था, लेकिन हंगामे के चलते वे 8 मिनट 35 सैकंड का भाषण ही दे पाई। इसके बाद राज्यपाल ने शुरुआत और अंत के कुछ पन्ने बढ़कर अभिभाषण पूरा किया। इसके बाद स्पीकर ने साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि बजट सत्र में विपक्ष का हंगामा गैर जिम्मेदाराना है। राज्यपाल के अभिभाषण के माध्यम से प्रदेश में सरकार जो काम कर रही है, उसकी जानकारी दी जाती है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा अभिभाषण में जो पढ़ा जा रहा था। हमने उसका विरोध किया, क्योंकि उसमें झूठे आंकड़े दिए थे। महाकुंभ भगदड़ में जो मौतें हो रही हैं, उसके सही आंकड़े बताए जाएं। राज्यपाल आधा भाषण छोड़कर चली गईं।