UP Board Syllabus: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। सरकार ने यूपी बोर्ड के कोर्स में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसमें छात्रों के लिए वीर सावरकर और पं. दीन दयाल उपाध्याय की जीवनी को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल कर दिया है। इतना ही नहीं, वीर सावरकर के साथ 50 अन्य महापुरुषों की जीवन कहानियों को भी शामिल किया गया है।

इन महापुरुषों की जीवनियां भी कोर्स का हिस्सा

जानकारी के मुताबिक, सरकार के इस कदम का उद्देश्य छात्रों के ज्ञान को समृद्ध करना और उन्हें इन प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की विविध उपलब्धियों और संघर्षों से अवगत कराना है। इसी क्रम में अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय, महावीर जैन, पंडित मदन मोहन मालवीय, अरविंद घोष, राजा राम मोहन राय, सरोजिनी नायडू और नाना साहेब जैसी हस्तियां यूपी बोर्ड के कोर्स का हिस्सा होंगी।

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सरकार ने इस संशोधन का जरूरी माना

साथ ही साथ यूपी बोर्ड की ओर से कहा गया है कि इस विषय से उत्तीर्ण (पास) होना अनिवार्य है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि वीर सावरकर की जीवनी को दूसरों की जीवनी के साथ शामिल करना छात्रों के लिए एक आवश्यकता है। छात्रों को इस विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। हालांकि, कहा गया है कि इस विषय में प्राप्त अंक कक्षा 10 और 12 की मार्कशीट में नहीं जोड़े जाएंगे।

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शिक्षा मंत्री ने दिया ये जवाब

यूपी की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया है कि पहले एक पुस्तक चलती थी, जिसमें जितने महान व्यक्तित्व और हमारे जितने क्रांतिकारी वीर थे, उनकी जीवनी हमने भी पढ़ा है। उसी प्रकार से जिन्होंने देश को आजाद कराया और अपने प्राणों का बलिदान दिया, उनके जीवनचरित्र को भी कोर्स में आना चाहिए, लेकिन वीर सावरकर को लेकर विपक्ष इतना हंगामा मचा रहा है। जो ठीक नहीं है। पहले उनके बारे में जानें, तब कोई बात करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

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