Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यदि किसी को निर्माण करना है तो पहले उसको एयरपोर्ट अथाॅरिटी से अनुमति लेनी होगी। एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए शर्ताें का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर अनुमति नहीं मिलेगी। यह निर्णय पर्यावरण प्रबंधन समिति की मीटिंग में लिया गया। इसके चेयरमैन डीएम गौतमबुद्धनगर मनीष वर्मा ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
ऊंची इमारतों पर पहले से है प्रतिबंध
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की चीफ आपरेटिंग आफिसर किरन जैन ने बताया कि एयरपोर्ट के आस-पास ऊंची इमारतों के निर्माण पर पहले से बैन है। अब 10 किलोमीटर के दायरे में पूरी तरह से निर्माण पर रोक लगा दी गई है। इसी वर्ष एयरपोर्ट के शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में विमान संचालन के दौरान सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित की गई है। इसके लिए जनता, रियल एस्टेट डेवलपर्स और स्थानीय अधिकारियों के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा निर्धारित ऊंचाई प्रतिबंध नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। यदि किसी को निर्माण करना होगा तो उसके लिए एनओसी जरूरी है।
पक्षी और जानवरों पर रखी जाएगी नजर
विमान उड़ाने के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए एयरपोर्ट के आस-पास पक्षी और जानवरों पर भी नजर रखी जाएगी। एयरपोर्ट के आस-पास किसी तरह के ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं मिलेगी। यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पक्षी और जानवरों पर नजर रखने के लिए विशेष वाॅच टावर बनाए जा रहे है।
पेड़ लगाने की भी अनुमति नहीं
एयरपोर्ट के एयरोड्रम रेफरेंस प्वाइंट के 10 किलोमीटर के दायरे में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) से ऊंचाई अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना कोई भी निर्माण गतिविधि, ढांचा खड़ा करना या पेड़ लगाने की अनुमति नहीं है। यह अनुमति उड़ान संचालन और नेविगेशन बुनियादी ढांचे को संभावित बाधाओं से बचाने के लिए जरूरी है। इससे भविष्य में किसी प्रकार का कोई खतरा पैदा नहीं होगा। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान इन नियमों का पालन करना जरूरी है।
एएआई जारी करता है कलर-कोडेड जोनिंग मैप
निर्माण से पहले ऊंचाई सीमा का आकलन करने के लिए एएआई द्वारा कलर-कोडेड जोनिंग मैप जारी किया जाता है। निर्माण ऊंचाई के आधार पर आवेदक को एएआई के एनओसीएएस पोर्टल के माध्यम से ऊंचाई एनओसी के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया जा सकता है। यदि आवेदक नियमों का पालन नहीं करता है तो उसकी अनुमति रद्द कर दी जाती है।
भारी जुर्माना लगाया जाएगा
10 किलोमीटर के दायरे में नियमों का उल्लंघन होने पर ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सर्फेसेस (ओएलएस) और नेविगेशन सिस्टम के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है, जिससे समग्र उड़ान सुरक्षा प्रभावित होगी। उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
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