हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

UP जेल प्रशासन की लापरवाही से 'फरार' हुआ रवि काना? बांदा से नोएडा तक क्यों मचा है प्रशासनिक घमासान

Scrap Mafia Ravi Kana: उत्तर प्रदेश पुलिस में आजकल हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि स्क्रैप माफिया रवि काना को रिहा कर दिया था और अब उसे कोर्ट के सामने पेश करना है, लेकिन वह मिल नहीं रहा है. मामले में कोर्ट और पुलिस आमने-सामने हैं और एक दूसरे को ब्लेम कर रहे हैं.

विज्ञापन
पुलिस को रवि काना को कोर्ट में पेश करना है.

Scrap Mafia Ravi Kana: उत्तर प्रदेश के स्क्रैप माफिया रवि काना को लेकर बांदा पुलिस और नोएडा कोर्ट आमने-सामने हैं, क्योंकि दोनों के बीच हुई गफलत के कारण रवि काना फरार हो गया है और अब उसे तलाश करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है, क्योंकि उसके विदेश भागने की आंशका है, जबकि रवि को 2 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाना है. इस वजह से आजकल बांदा से नोएडा तक प्रशासनिक घमासान मचा हुआ है. स्थिति के लिए पुलिस कोर्ट को और कोर्ट पुलिस को ब्लेम को रही है.

यह भी पढ़ें: ‘प्रमोशन के लिए हो रहे एनकाउंटर’, मुठभेड़ मामलों में UP पुलिस पर भड़का हाई कोर्ट

नोएडा थाने में दर्ज उगाही के केस का मामला

बता दें कि स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर जेल अधीक्षक बांदा की बड़ी लापरवाही सामने आई है. सेक्टर-63 नोएडा थाना में रवि काना के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है. CJM गौतमबुद्ध नगर ने आरोपी की न्यायिक रिमांड के आदेश दिए थे. इसके बावजूद 29 जनवरी 2026 को आरोपी को जेल से रिहा कर दिया गया. कोर्ट से कस्टडी वारंट जारी होने के बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ. इसलिए अब बांदा जेल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं.

विज्ञापन

कोर्ट ने माना है जेल अधिनियम का उल्लंघन

बांदा जेल प्रशासन के इस कृत्य को जेल अधिनियम और नागरिक सुरक्षा संहिता का उल्लंघन मानकर CJM ने उनको तलब करके स्पष्टीकरण मांगा है. रवि काना के खिलाफ दोबारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. साथ ही आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं. बांदा जेल अधीक्षक को 6 फरवरी तक शपथपत्र देकर जवाब दाखिल करने का निर्देश मिला है और CJM ने एक सवाल भी किया है कि क्यों न आपके खिलाफ आरोपी को हिरासत से भगाने का केस चलाया जाए.

यह भी पढ़ें: हर घर नल योजना पर सियासी घमासान: महोबा में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और BJP विधायक आमने-सामने

विज्ञापन

अन्य 19 मामलों में रिहा हो चुका था रवि काना

बांदा जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने स्क्रैप माफिया रविन्द्र सिंह उर्फ रवि नागर उर्फ रवि काना पर उगाही के आरोप लगे और नोएडा के सेक्टर 63 थाने में 3 धाराओं में केस दर्ज कराया गया. पॉक्सो एक्ट और गैंगस्टरों से जुड़े करीब 20 मामले उसके खिलाफ दर्ज थे और वह जेल में था, लेकिन साल 2024 में उसे गौतमबुद्ध नगर से बांदा की जिला जेल में शिफ्ट किया गया था. केसों की सुनवाई होने के बाद उसकी रिहाई के आदेश आ गए थे, लेकिन उगाही का मामला पेंडिंग था.

कस्टडी ऑर्डर का इंतजार किया, पर आया नहीं

अनिल कुमार ने बताया कि रवि काना को 28 जनवरी की सुबह 7.15 बजे रिहा किया जाना था, लेकिन इससे पहले उसका एक बी-वारंट आ गया. बी-वारंट के तहत 29 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से ही रवि काना को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन उसके बाद रवि की कस्टडी को लेकर कोई आदेश नहीं आया. शाम 6:30 बजे तक इंतजार करने के बाद 6 बजकर 39 मिनट पर रवि काना को रिहा कर दिया. इसके बाद रात पौने 8 बजे के करीब उसका कस्टडी वारंट आ गया.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: प्रयागराज विवाद में आया नया मोड़, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दोबारा स्नान कराने से प्रशासन का इनकार, हाई कोर्ट पहुंचा मामला

जेल विभाग के खिलाफ जा सकता था हाई कोर्ट

अनिल ने कहा कि अब रिहाई के आदेश आने के बाद भी उसे रोका जाता तो वह सवाल उठाता कि उसे किसी आधार पर रोका गया है और वह जेल विभाग के खिलाफ हाई कोर्ट भी जा सकता था. अब वह जेल से बाहर है, लेकिन मिल नहीं रहा है, उसके विदेश भागने की आशंका है. कोर्ट ने जवाब मांगा है, दिया जाएगा.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola