Scrap Mafia Ravi Kana: उत्तर प्रदेश के स्क्रैप माफिया रवि काना को लेकर बांदा पुलिस और नोएडा कोर्ट आमने-सामने हैं, क्योंकि दोनों के बीच हुई गफलत के कारण रवि काना फरार हो गया है और अब उसे तलाश करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है, क्योंकि उसके विदेश भागने की आंशका है, जबकि रवि को 2 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाना है. इस वजह से आजकल बांदा से नोएडा तक प्रशासनिक घमासान मचा हुआ है. स्थिति के लिए पुलिस कोर्ट को और कोर्ट पुलिस को ब्लेम को रही है.
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नोएडा थाने में दर्ज उगाही के केस का मामला
बता दें कि स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर जेल अधीक्षक बांदा की बड़ी लापरवाही सामने आई है. सेक्टर-63 नोएडा थाना में रवि काना के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है. CJM गौतमबुद्ध नगर ने आरोपी की न्यायिक रिमांड के आदेश दिए थे. इसके बावजूद 29 जनवरी 2026 को आरोपी को जेल से रिहा कर दिया गया. कोर्ट से कस्टडी वारंट जारी होने के बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ. इसलिए अब बांदा जेल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं.
कोर्ट ने माना है जेल अधिनियम का उल्लंघन
बांदा जेल प्रशासन के इस कृत्य को जेल अधिनियम और नागरिक सुरक्षा संहिता का उल्लंघन मानकर CJM ने उनको तलब करके स्पष्टीकरण मांगा है. रवि काना के खिलाफ दोबारा गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. साथ ही आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं. बांदा जेल अधीक्षक को 6 फरवरी तक शपथपत्र देकर जवाब दाखिल करने का निर्देश मिला है और CJM ने एक सवाल भी किया है कि क्यों न आपके खिलाफ आरोपी को हिरासत से भगाने का केस चलाया जाए.
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अन्य 19 मामलों में रिहा हो चुका था रवि काना
बांदा जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम ने स्क्रैप माफिया रविन्द्र सिंह उर्फ रवि नागर उर्फ रवि काना पर उगाही के आरोप लगे और नोएडा के सेक्टर 63 थाने में 3 धाराओं में केस दर्ज कराया गया. पॉक्सो एक्ट और गैंगस्टरों से जुड़े करीब 20 मामले उसके खिलाफ दर्ज थे और वह जेल में था, लेकिन साल 2024 में उसे गौतमबुद्ध नगर से बांदा की जिला जेल में शिफ्ट किया गया था. केसों की सुनवाई होने के बाद उसकी रिहाई के आदेश आ गए थे, लेकिन उगाही का मामला पेंडिंग था.
कस्टडी ऑर्डर का इंतजार किया, पर आया नहीं
अनिल कुमार ने बताया कि रवि काना को 28 जनवरी की सुबह 7.15 बजे रिहा किया जाना था, लेकिन इससे पहले उसका एक बी-वारंट आ गया. बी-वारंट के तहत 29 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से ही रवि काना को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन उसके बाद रवि की कस्टडी को लेकर कोई आदेश नहीं आया. शाम 6:30 बजे तक इंतजार करने के बाद 6 बजकर 39 मिनट पर रवि काना को रिहा कर दिया. इसके बाद रात पौने 8 बजे के करीब उसका कस्टडी वारंट आ गया.
जेल विभाग के खिलाफ जा सकता था हाई कोर्ट
अनिल ने कहा कि अब रिहाई के आदेश आने के बाद भी उसे रोका जाता तो वह सवाल उठाता कि उसे किसी आधार पर रोका गया है और वह जेल विभाग के खिलाफ हाई कोर्ट भी जा सकता था. अब वह जेल से बाहर है, लेकिन मिल नहीं रहा है, उसके विदेश भागने की आशंका है. कोर्ट ने जवाब मांगा है, दिया जाएगा.
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