उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सौरभ राजपूत मर्डर केस में सजायाफ्ता साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को लेकर अपडेट आया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी को साहिल शुक्ला के परिवार ने बहू मान लिया है. क्योंकि साहिल के परिवार वाले उनसे मिलने के लिए जेल आ रहे हैं. साहिल का छोटा भाई दिव्यांश शुक्ला, नानी और उसके चाचा दोनों से मिलने जेल आ रहे हैं, जबकि 18 महीने से मुस्कान से मिलने उसके परिजन नहीं आए, लेकिन साहिल के परिजन लगातार आ रहे हैं और दोनों से मिलकर जाते हैं. इसलिए कहा जा रहा है कि मुस्कान और उसकी बेटी के साहिल के परिजनों ने स्वीकार कर लिया है.
हाईकोर्ट में पैरवी के लिए दोनों का वकील एक
मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मेरठ जिला कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई है. इस सजा के खिलाफ दोनों ने गत 23 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन खास बात यह है कि दोनों का वकील एक ही है. साहिल के परिवार की ओर से याचिका दायर की गई है, जिसके लिए वकील सुशील शुक्ला को हायर किया गया है. याचिका में साहिल और मुस्तान दोनों का नाम लिखा है. मुस्कान ने पहले जेल प्रशासन से वकील उपलब्ध कराने की मांग की थी, इसलिए उसे सरकारी वकील देने की तैयारी चल रही थी. लेकिन अब उसने सरकारी वकील लेने से इनकार किया है.
मुस्कान से उसके परिजनों ने बना रखी है दूरी
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सरकारी वकील लेने से इनकार करने की वजह पूछने पर मुस्कान ने बताया कि साहिल के वकील ही हाईकोर्ट में उसका केस भी लड़ेंगे. साहिल के परिवार ने वकील को हायर किया है. यह जानने के बाद सवाल उठा है कि क्या मुस्कान को साहिल के परिवार ने स्वीकार कर लिया है. हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बार जब साहिल के परिजन आएंगे तो उनसे सवाल पूछ जाएगा. मुस्कान के परिवार ने उससे अभी तक दूरी बनाई हुई है और न उनका फोन आता है, न वे मिलने आते हैं. इसलिए सेशन कोर्ट के लिए मुस्कान के सरकारी वकील रेखा जैन उपलब्ध कराई गई थीं.
मुस्कान की बेटी के भविष्य पर उठ रहे सवाल
बता दें कि फांसी की सजा होने के बाद मुस्कान रस्तोगी की बेटी के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मुस्कान की बड़ी बेटी को ननिहाल में है, लेकिन छोटी बेटी को न मुस्कान और न ही सौरभ के परिजन अपनाने को तैयार हैं. वह अभी मुस्कान के साथ जेल में ही है और 6 साल की होने तक कानून के अनुसार जेल में ही रहेगी, लेकिन उसके बाद क्या होगा? यह मुस्कान का ही फैसला होगा कि वह बेटी को किसे सौंपना चाहती है. क्या साहिल के परिजन मुस्कान की बेटी को अपनाएंगे? अगर वे अपनाना चाहते हैं तो उन्हें आवेदन पत्र देना होगा, जिसके जवाब में मुस्कान बताएगी कि वह उन्हें अपनी बेटी सौंपना चाहती है या नहीं?