कहते हैं भगवान की भक्ति में अगर सच्ची श्रद्धा हो, तो कोई भी बाधा आस्था के रास्ते में दीवार नहीं बन सकती। ऐसा ही एक जीता-जागता उदाहरण है 14 वर्षीय यश। दिल्ली के शाहदरा का रहने वाला एक बाल श्रद्धालु, जो सिर्फ साइकिल के सहारे 12 ज्योतिर्लिंगों की कठिन और दिव्य यात्रा पर निकला है।
कौन है यश?
यश अब तक 32,000 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है और देश के 8 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुका है। वर्तमान में वह ऋषिकेश से पिथौरागढ़ होते हुए आदि कैलाश की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद उसका अगला पड़ाव होगा रामेश्वरम, और फिर बचे हुए दो ज्योतिर्लिंग। अनुमान है कि इस पूरे अभियान को पूरा करने में यश को अभी करीब दो साल का समय और लगेगा।
परिवार के लिए ली भगवान शिव की शरण
यश का कहना है कि वह एक गरीब परिवार से है और उसके घर में एक गंभीर समस्या है, जिसके समाधान के लिए उसने भगवान शिव की शरण ली है। भगवान भोलेनाथ में उसकी आस्था इतनी अडिग है कि 13 महीने पहले वह घर से बिना पैसे, सिर्फ एक साइकिल और शिव नाम की ताकत के साथ निकल पड़ा और निरंतर चल रहा है।
ये हैं रहने-खाने के ठिकाने
यश अपनी रातें पेट्रोल पंपों पर तंबू लगाकर बिताता है, खाना राहगीरों और श्रद्धालुओं की मदद से मिलता है और फिर भी न कोई थकान, न कोई शिकवा। बस दिल में भगवान के दर्शन की ललक। यश का मानना है कि जो मदद उसे रास्ते में मिलती है, वो भोलेनाथ की कृपा और चमत्कार का ही हिस्सा है।