हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'अंकिता को न्याय दिलाना सरकार का संकल्प था', कोर्ट के फैसले पर बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी

अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया। अदालत ने तीन साल से कम समय में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। एसआईटी ने तेजी से जांच पूरी की और कोर्ट में मजबूत साक्ष्य काम आए।

विज्ञापन
अंकिता भंडारी मामले में कोर्ट का आया फैसला।

उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। यह मामला 18 सितंबर 2022 की रात का है। इस मामले में कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। घटना के पौने तीन साल में तीनों को मिली सख्त सजा ने निष्पक्ष पुलिस जांच और सरकारी वकील की मजबूत पैरवी पर मुहर लगा दी।

पुलिस ने 24 घंटे में की थी गिरफ्तारी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 सितंबर को महिला आईपीएस अधिकारी पी रेणुका देवी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी। 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए सबूत एकत्रित कर लिए। विशेष जांच दल (SIT) ने गहराई से जांच करते हुए 500 पन्नों की चार्जशीट तैयार की। इस चार्जशीट में 100 से अधिक गवाहों के बयान शामिल किए गए।

यह भी पढ़ें : Ankita Murder Case: रिजॉर्ट तोड़कर सबूत मिटाने के आरोपों का पुलिस ने किया खंडन, जारी किया Video

विज्ञापन

इसी आधार पर अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में मामले की जोरदार पैरवी की, जिससे पौने तीन साल के भीतर ही मामले में सजा का ऐलान संभव हो पाया। सरकार ने न सिर्फ आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया, बल्कि गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की।

परिजनों को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी

सीएम धामी ने इस मामले में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अंकिता भंडारी के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही दिवंगत बेटी के पिता और भाई को सरकारी नौकरी देकर परिवार को सहारा प्रदान किया गया।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने जांच को माना संतोषजनक

सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की जांच प्रक्रिया को संतोषजनक माना है, जिससे यह साफ होता है कि अंकिता को न्याय दिलाने की दिशा में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी। इस तरह बेटियों की सुरक्षा से जुड़े इस पूरे मामले हर मोर्चे पर सरकार की निष्पक्षता और सतर्कता काम आई।

सरकार आगे भी करेगी मजबूत पैरवी

इधर, सरकार ने साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी इस मामले में मजबूत पैरवी की जाएगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना सरकार का संकल्प था, इसीलिए उनके परिजनों को साथ लेकर कोर्ट में मजबूत पैरवी की गई, जिससे तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिल सकी। सरकार जरूरत पड़ने पर आगे भी मजबूत पैरवी करेगी, अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : Uttarakhand News: अंकिता भंडारी मामले में CM धामी का बयान, कहा- कोई भी हो… मिलेगी कड़ी सजा

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola