Uttar Pradesh Greater Noida News (जुनेद अख्तर) : ग्रेटर नोएडा वेस्ट को सपनों के शहर के रूप में बसाया गया था। प्राधिकरण ने दावा किया था कि ग्रेनो वेस्ट की गिनती दुनिया के नामी शहरों में की जाएगी, लेकिन बिल्डर की लापरवाही के चलते अब यह सिरदर्द बन गया है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 200 से अधिक सोसायटियां पिछले करीब 15 सालों से विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। शनिवार और रविवार को सोसायटी के निवासी अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इस बार अजनारा होम्स सोसायटी के लोगों ने बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोला है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर की लापरवाही के चलते सोसायटी का बेसमेंट डंपिंग यार्ड में तब्दील हो गया है। शिकायत के बाद भी सफाई न होने पर उन्होंने एक गाना तैयार कर अपना विरोध जाहिर कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर गाना हो रहा वायरल
अजनारा होम्स सोसायटी के निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ सोसायटी में व्याप्त कमियों पर एक गाना तैयार कराया है। खास बात है कि गाने की धुन सुनने में लोगों को अच्छी लग रही है। गाने में सोसायटी की कमियों को एक-एक कर बताया गया है। सोशल मीडिया पर यह गाना खूब वायरल हो रहा है। इसके विरोध में बिल्डर प्रबंधन के द्वारा सोसायटी के लोगों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस मिलने के बाद सोसायटी के निवासियों में गुस्सा है। निवासियों का कहना है कि बिल्डर की लापरवाही के चलते सोसायटी का बेसमेंट डंपिंग यार्ड बन गया है। विरोध करने पर बिल्डर की तरफ से नोटिस भेजा जा रहा है। बिल्डर अपनी गलती छुपा रहे हैं जवाबदेही से बचना चाह रहे हैं।
निवासियों का कहना है कि सोसायटी के एन टावर की बेसमेंट पार्किंग में डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। जहां एक तरफ लोगों को वाहन खड़ा करने में परेशानी होती है वहीं दूसरी तरफ बदबू से भी हाल बेहाल होता है। साथ ही सोसायटी में कई अन्य समस्याएं भी हैं। कई बार की जा चुकी शिकायत के बाद भी समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं।
बिल्डर की लूट, बुद्धि दे भगवान
निवासियों का कहना है कि बिल्डर का रवैया देखकर उन्होंने अनोखे तरीके से विरोध का रास्ता चुना। उन्होंने एक गाना तैयार कराया है। जिसके शब्द हैं कब बंद होगी बिल्डर की लूट, बिल्डर को बुद्धि दे भगवान, अजनारा की झूठी बोली, प्लास्टर झड़े लिफ्ट बेहाल। यह गाना खूब वायरल हो रहा है। वहीं, जब इस मामले में बिल्डर का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।