वीर सावरकर पर विवादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है. अदालत ने लखनऊ कोर्ट में चल रहे मामले को यह कहते हुए पूरी तरह रद्द कर दिया कि इसके लिए यूपी सरकार से जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी. राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ जारी अदालती कार्रवाई और केस को पूरी तरह खत्म करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए साफ किया कि राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से अनिवार्य कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी.
‘रील देखना और बनाना 21वीं सदी का नया नशा’, प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों से संवाद
---विज्ञापन---
अदालत ने कहा कि चूंकि जरूरी सरकारी मंजूरी के बिना यह कार्रवाई शुरू की गई थी, इसलिए नियम के मुताबिक इस केस को जारी नहीं रखा जा सकता. इसी आधार पर कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे पूरे मामले को निरस्त करने का फैसला सुनाया.
राहुल गांधी ने रखी थी यह मांग
लखनऊ की अदालत में दर्ज इस मामले और वहां से जारी अदालती कार्रवाई के आदेश को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने अपनी अर्जी में मांग की थी कि लखनऊ कोर्ट द्वारा दिए गए कार्रवाई के आदेश को निरस्त किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज इस केस को पूरी तरह से खत्म किया जाए. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब राहुल गांधी को लखनऊ की अदालत में चल रहे इस मुकदमे से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है.
---विज्ञापन---
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद साल 2022 का है, जब राहुल गांधी अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान महाराष्ट्र में थे। उस दौरान उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर को लेकर एक सार्वजनिक बयान दिया था। इस टिप्पणी को लेकर लखनऊ की कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर मजिस्ट्रेट अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी कर तलब किया था।
‘पूरी दाल ही काली है…’, E20 पेट्रोल को लेकर राहुल गांधी ने जारी किया VIDEO, केंद्र पर साधा निशाना
---विज्ञापन---