उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में पुलिस अधिकारियों के तबादले के बाद IPS अधिकारी प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 का नया DCP बनाया गया है. 30 साल की प्रीति इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी हैं. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है. इससे पहले इस पद पर IPS अधिकारी साद मियां खान तैनात थे. उनका तबादला आगरा पुलिस कमिश्नरेट में कर दिया गया है. प्रीति यादव 2019 बैच की IPS अधिकारी हैं. उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2018 में ऑल इंडिया रैंक 466 हासिल की थी. उन्होंने दूसरे प्रयास में यह परीक्षा पास की थी.
प्रीति को महिला सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभागों में काम करने का अनुभव है. अब नोएडा के एक इलाके में कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके पास होगी. प्रीति यादव मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं. उनका जन्म 10 अप्रैल 1996 को हुआ था. उन्होंने भूगोल विषय से BA ऑनर्स की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का अपना सपना पूरा करने की तैयारी शुरू की.
पिता को देखकर सिविल सेवा में जाने का सपना देखा
संसद टीवी को दिए एक इंटरव्यू में प्रीति यादव ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था. उनके पिता ने उन्हें इस राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. प्रीति के पिता ने अपने करियर की शुरुआत पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद से की थी. बाद में वे असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) बने. प्रीति ने बताया कि वह अपने पिता को देखकर काफी प्रेरित होती थीं. उनके पिता चाहते थे कि उनके बच्चे जीवन में बड़े लक्ष्य रखें और ऊंचे पदों तक पहुंचें. पिता की मेहनत और उनकी सीख ने प्रीति को अपने सपने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा दी. उनका कहना है कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन से उन्हें कम उम्र में ही अपना सपना पूरा करने का मौका मिला.
दूसरे प्रयास में पास की UPSC परीक्षा
प्रीति यादव ने बताया कि उन्होंने UPSC की तैयारी के दौरान पहली बार में ही प्रीलिम्स पास कर ली थी. इसके बाद वह मेंस में शामिल हुईं, लेकिन इसमें वह कटऑफ से 21 अंक पीछे रह गईं. पहले प्रयास में असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और दूसरे प्रयास में सफल हो गईं. इस बार उन्हें ऑल इंडिया रैंक 466 मिली और उनका चयन IPS सेवा के लिए हुआ. इस तरह प्रीति यादव ने अपने बचपन के सपने को पूरा किया और अब वह नोएडा जोन-1 की पहली महिला DCP बन गई हैं.