नोएडा में लाखों लोगों की आफत में जान, स्ट्रक्चरल Audit की मांग ने पकड़ा जोर

Noida News: नोएडा शहर की कई हाईराइज हाउसिंग सोसायटियों की जर्जर हालत अब निवासियों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है. सोशल मीडिया पर लोग लगातार स्ट्रक्चरल Audit की मांग कर रहे है. दीवारों से गिरता प्लास्टर, कमजोर हो चुके पिलर, बेसमेंट में दरारें और पानी का रिसाव हो रहा है.

Noida Structural Audit

Noida Structural Audit

Noida News: नोएडा शहर की कई हाईराइज हाउसिंग सोसायटियों की जर्जर हालत अब निवासियों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है. सोशल मीडिया पर लोग लगातार स्ट्रक्चरल Audit की मांग कर रहे है. दीवारों से गिरता प्लास्टर, कमजोर हो चुके पिलर, बेसमेंट में दरारें और पानी का रिसाव हो रहा है. ये सब ऐसे संकेत है जो किसी बड़ी हादसे का कारण बन सकते है.

सिक्का कार्मिंग ग्रीन्स को जारी हुआ नोटिस

शहर के निवासियों ने लंबे समय से नोएडा प्राधिकरण से स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग की है, लेकिन अब तक व्यापक कार्रवाई नहीं हो सकी है. सिक्का कार्मिंग ग्रीन्स को लेकर हाल ही में जारी किए गए नोटिस के बाद अन्य सोसायटियों के लोग भी अब संगठित होकर अपनी मांगों को तेज कर रहे है. उनकी मांग है कि सुरक्षा के लिहाज से Audit होना जरूरी है.

सोसायटी की कहानी निवासी की जुबानी

नोएडा के सेक्टर 107 में बनी ग्रेट वैल्यू शरणम के एओए सचिव कमांडर संजीव गुप्ता ने बताया कि बेसमेंट के पिलर और बीम में गंभीर दरारें हैं, जिससे लगातार पानी का रिसाव हो रहा है. टावरों से प्लास्टर झड़ रहा है. कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?

गार्डेनिया एम्स ग्लोरी

एओए सचिव पुनीत धनखड़ ने कहा कि बेसमेंट की हालत चिंताजनक है. सरिये बाहर निकल आए हैं और स्ट्रक्चर पर जंग लग चुका है. हमने कई बार स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

द अरण्या सोसायटी

सोसायटी के निवासी राजकुमार का कहना है कि बिल्डर अधूरा निर्माण छोड़कर भाग गया. 2019 से आईआरपी आया हुआ है, लेकिन अब तक कोई सुधार कार्य नहीं किया गया. बेसमेंट की हालत देखकर लगता है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

होम्स 121 सोसायटी

सोसायटी के एओए अध्यक्ष चक्रधर मिश्र ने कहा कि हमने बहुत पहले स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग की थी, लेकिन प्राधिकरण ने कोई जवाब नहीं दिया. इस तरह की अनदेखी के चलते निवासियों की जान जोखिम में है.

स्ट्रक्चरल ऑडिट क्यों जरूरी है?

स्ट्रक्चरल ऑडिट से यह तय किया जाता है कि इमारत में कोई गंभीर तकनीकी या सुरक्षा कमी तो नहीं है. पुराने और जर्जर हो चुके ढांचे, कमजोर पिलर, सरिये में जंग, दीवारों में सीलन और कंपन जैसी समस्याओं का वैज्ञानिक परीक्षण होता है. यह ऑडिट समय रहते हादसे का बचाव करता है.

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