Noida Authority: सरकारी दफ्तरों में अक्सर लोग अपना काम कराने के लिए चक्कर लगाते नजर आते हैं। कई बार ऐसा होता है कि आम जनता को अपना काम कराने के लिए कई ऑफिसों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसी काम की वजह से नोएडा अथॉरिटी के रेजिडेंशियल डिपार्टमेंट का कर्मचारी स्कूली बच्चों की तरह खड़े नजर आए। क्योंकि यह सजा उन्हें नोएडा अथॉरिटी के सीईओ ने सुनाई थी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि CEO इतना गुस्सा आ आया कि उन्होंने कर्मचारियों को 20 मिनट तक खड़े रहने की सजा सुना दी?
काम के लिए भटक रहा था आवंटी
आम जनता के लिए अथॉरिटी में कोई भी काम करना आसान नहीं है। बाबुओं के काम नहीं करने के कई अन्य मामले लगातार अधिकारियों तक पहुंचते हैं। सुविधा शुल्क नहीं देने वाले आवंटियों को कोई न कोई कागजात की कमी बताकर कई चक्कर कटवाए जाते हैं। कई बार इसके बाद भी काम नहीं हो पाता है। लेकिन ऐसा ही एक मामला में रेजिडेंशियल डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को एक बुजुर्ग का काम नहीं करना भारी पड़ गया।
दरअसल, एक बुजुर्ग लगातार अपने काम के लिए डिपार्टमेंट में आ रहा था, लेकिन उसका काम नहीं हो पा रहा था। यह सब नोएडा प्राधिकरण के सीईओ सीसीटीवी कैमरे में देख रहे थे। उनको यह बात इतनी खराब लगी कि CEO ने तुरंत कर्मचारियों को 20 मिनट तक खड़े रहने की सजा सुना डाली।
CEO की बात न मानना पड़ा भारी
नोएडा प्राधिकरण में करीब 65 से ज्यादा कैमरे लगे हैं। जिनका कंट्रोल रूम का सेटअप प्राधिकरण के CEO के कमरे में है। जिससे वह पूरे ऑफिस में नजर रख सकते हैं। रोजाना की तरह सीईओ सोमवार को भी कैमरों के जरिए प्राधिकरण में होने वाली गतिविधियों को देख रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर रेजिडेंशियल डिपार्टमेंट पर पड़ी, जहां पर एक बुजुर्ग सरदार एक महिला बाबू के सामने अपना काम कराने के लिए खड़े थे। इसके बाद सीईओ ने विभाग में मैसेज भेजा कि इनका काम कर दिया। अगर नहीं हो सकता है तो बिना वजह उनको खड़ा न रखा जाए।
खुद पहुंचकर दी सजा
काम करने का आदेश देने के बाद भी वह बुजुर्ग वहीं पर खड़ा था। यह देखकर सीईओ को गुस्सा आ गया। वह तुरंत उठकर डिपार्टमेंट में जा पहुंचे और उनकी क्लास लगा दी। उन्होंने डिपार्टमेंट में काम कर रहे सभी बाबुओं को करीब 20 मिनट तक खड़े रहने को कहा। CEO के आदेश के बाद सभी बाबू तय समय तक अपनी सीट पर खड़े रहे।