Noida Authority ने दिया झटका, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल भूखंडों का आवंटन किया रद्द
Author: News24 हिंदी
Mar 06, 2025 06:49 PM IST
Uttar Pradesh Noida News (जुनेद अख्तर) : नोएडा अथॉरिटी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अथॉरिटी ने 125 इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल भूखंडों का आवंटन रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि अथॉरिटी ने आठ साल पहले यह भूखंड आवंटित किए थे, लेकिन आज तक इन पर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है। साथ ही कार्यक्षमता प्रमाण पत्र भी नहीं प्राप्त किया गया। अथॉरिटी की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों से पता चला है कि अथॉरिटी जल्द ही दूसरे ऐसे मामलों में भी एक्शन ले सकती है।
दिसम्बर 2024 तक दिया था समय
यह कार्रवाई 3 जून 2022 को जारी शासनादेश के अनुसार की गई है। नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, 2022 में जारी शासनादेश के समय करीब 307 आवंटी ऐसे थे, जिन्होंने तय समय सीमा में काम पूरा नहीं किया था, जिसमें 131 इंडस्ट्रियल और 236 इंस्टीट्यूशनल संपत्ति के भूखंड शामिल थे। पिछले साल आवंटियों को 31 दिसंबर 2024 तक भूखंड के लिए कार्यक्षमता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कहा गया था, लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद भी कई आवंटियों ने आवश्यक कार्रवाई नहीं की। इसलिए जनवरी 2025 में हुई बोर्ड बैठक में इन 125 भूखंडों का आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया गया।
जुर्माना भरने के बाद आवंटन बहाल
नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद यह एक्शन लिया गया है। आवंटियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह अपना आवंटन बहाल कर सकते हैं। उनका कहना है कि आवंटन बहाल कराने के लिए आवंटियों को आवंटन राशि का 10 प्रतिशत जुर्माना के तौर पर अथॉरिटी को जमा कराना होगा। इसके बाद आवंटन को बहाल कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि भूखंडों के समुचित उपयोग और विकास को सुनिश्चित करने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने यह कदम उठाया है, ताकि क्षेत्र में समग्र विकास और निवेश को बढ़ावा मिल सके।
अथॉरिटी ने बोर्ड में रखा था प्रस्ताव
31 दिसंबर 2024 की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी इन भूखंडों के आवंटी अथॉरिटी से और समय मांग रहे थे। इस मांग को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने 3 जनवरी को हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा था। बोर्ड ने शासन से मार्गदर्शन लेने का निर्णय लिया था। सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। जिन भूखंडों का आवंटन रद्द किया गया है, उनके आवंटियों को आवंटन बहाल कराने के लिए आवंटन राशि का 10 प्रतिशत जुर्माना प्राधिकरण के पास जमा कराना होगा।