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बारिश में ढहने के 10 महीने बाद 30 जून का चालू होगा ये पुल, दोबारा तैयार करने में आया करोड़ों का खर्च

Dehradun News: नंदा की चौकी पर बना पुल सितंबर 2025 को भारी बारिश और नदी के उफान के बाद टूट गया था, लेकिन अब नए और परमानेंट पुल का काम तकरीबन पूरा कर लिया गया है, जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

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Nanda Ki Chowki Bridge (AI Image)

मुख्य बिंदु

  • नया नंदा की चौकी पुल 30 जून तक खुलने की संभावना है.
  • इस नए पुल की लागत 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
  • 16 करोड़ रुपये का ये पुल उस संरचना की जगह ले रहा है.
  • पुराना पुल सितंबर 2025 में भारी बारिश के दौरान गिर गया था
  • पुल का निर्माण NHAI की फंडिंग से PWD की तरफ से किया जा रहा है.
  • पिछला अस्थायी ह्यूम-पाइप पुल भी एक डंपर के उस पर से गुजरने के बाद गिर गया था.
  • नया पुल देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर कनेक्टिविटी में सुधार करेगा.

New Nanda Ki Chowki Bridge: देहरादून के चकराता रोड पर नंदा की चौकी पुल के गिरने के तकरीबन 10 महीने बाद, स्थानीय अधिकारी 30 जून को एक नया पुल चालू करने की तैयारी कर रहे हैं. 16 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से बिजी देहरादून-पांवटा नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक की आवाजाही सुचारू होने की उम्मीद है, जिससे रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी.

कब गिरा था पुल?

सितंबर 2025 में भारी बारिश के दौरान टोंस नदी के उफान से स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने के बाद पुराना पुल गिर गया था. इस घटना से निवासियों, ऑफिस जाने वालों, छात्रों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स, खासकर यूपीईएस और उत्तरांचल यूनिवर्सिटी जाने वालों के लिए कनेक्टिविटी डिस्टर्ब हो गई थी.

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टेंपरेरी पुल भी हुआ था फेल

ट्रैफिक बहाल करने के लिए अधिकारियों ने शुरू में एक टेंपरेरी ह्यूम-पाइप पुल बनाया था. हालांकि, एक डंपर ट्रक के उस पर से गुजरने की कोशिश के बाद वो स्ट्रक्चर भी फेल हो गया, जिससे और देरी हुई और यात्रियों को कई हफ्तों तक लंबे अल्टरनेट रूट्स का इस्तेमाल करना पड़ा.

AI Image

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किसने बनाया नया पुल?

नया पुल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की वित्तीय सहायता से पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) की तरफ से बनाया जा रहा है. निर्माण कार्य जनवरी 2026 में शुरू हुआ था लेकिन 30 अप्रैल का ऑरिजल टारगेट पूरा नहीं हो सका. अधिकारियों का कहना है कि काम अब आखिरी स्टेड में है और मानसून के जोर पकड़ने से पहले आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें- यूपी में बनने जा रहा है 700 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे, इन 22 जिलों में होगी कनेक्टिविटी

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लोकल लोगों में खुशी की लहर

स्थानीय निवासियों ने इस प्रोग्रेस का स्वागत करते हुए कहा है कि बारिश के मौसम में सुरक्षित और बिना रुकावट वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए नया पुल जरूरी है. उन्होंने भारी बारिश के दौरान एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता बनाए रखने की अहमियत पर भी जोर दिया.

बिजनेस के लिए फायदेमंद

लोकल ट्रेडर्स का मानना ​​है कि पुल के फिर से खुलने से उन बिजनेस को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी जो पुल गिरने के बाद ग्राहकों की आवाजाही कम होने के कारण प्रभावित हुए थे. एक बार चालू होने के बाद, पुल से कनेक्टिविटी में सुधार, ट्रैवल टाइम में कमी और इलाके में नॉर्मल ट्रैफिक फ्लो बहाल होने की उम्मीद है.

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निष्कर्ष

नया नंदा की चौकी ब्रिज पूरा होने से महीनों की रुकावट के बाद देहरादून में सुचारू परिवहन व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है. परमानेंट स्ट्रक्चर बनने से यात्रा सुरक्षित होगी, इमरजेंसी में पहुंचना आसान होगा और पुल गिरने से प्रभावित हुए स्थानीय कारोबारों को मदद मिलेगी. लोगों को उम्मीद है कि मॉनसून की भारी बारिश से पहले पुल चालू हो जाएगा, ताकि पिछले साल जैसी ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की समस्याएं दोबारा न हों.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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