Firozabad News (Uttar Pradesh): बात किसी अपने के जीवन और मौत से जुड़ी हो तो आस्था और मजहब की दीवार टूट जाती है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से सामने आया है। यहां एक मुस्लिम परिवार देवी मंदिर में घंटा चढ़ाया है। 17 साल पहले बेटे की सलामती के लिए दुआ मांगी थी।
दुआ पूरी हुई तो परिवार बीते 17 साल से पूजा पाठ के लिए प्रयास कर रहा था। लेकिन कोई न कोई अड़चन आ जा रही थी। रामनवमी के दिन पूरे परिवार ने मिलकर मंदिर में घंटा चढ़ाया।
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मां ने मांगी थी मनौती
दरअसल, सिरसागंज तहसील के फतेहपुर करखा गांव में रहने वाले रसीक मोहम्मद का 17 साल पहले 2006 में अपहरण हो गया था। उस समय मां और परिवार वालों ने मंदिर में मनौती मांगी थी कि यदि उनका बेटा सकुशल वापस आ गया तो वे गांव के पथवारी मंदिर में घंटा चढ़ाएंगे।
रसीक की मां हफीजन बेगम का कहना है कि उनके बेटे का जीवन मातारानी के चलते है। इसलिए उन्होंने पूरे परिवार के साथ मिलकर हवन पूजन किया और मंदिर में घंटा चढ़ाया है।
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