उत्तर प्रदेश में कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोने वाले समाजवादी पार्टी (SP) के उम्मीदवार आकाश अग्रवाल विधान परिषद (MLC) चुनाव जीत गए हैं. उन्होंने आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरी बार चुनाव जीता है और भाजपा के हरि किशोर तिवारी को हराया है. रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप ने आकाश अग्रवाल को चुनावी जीत का प्रमाण पत्र सौंपा, जिसके अनुसार आकाश अग्रवाल को 27737 वोटों में से 13087 वोट मिले, जबकि हरि किशोर तिवारी को 9337 वोट मिले. आकाश ने हरि किशोर को 3500 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया. लेकिन दोनों में से किसी को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिले.
BJP पर आरोप लगाते हुए रोए थे आकाश अग्रवाल
बता दें कि आकाश अग्रवाल ने गत 23 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए थे. आगरा के प्रशासनिक अधिकारियों पर खेरागढ़, फतेहाबाद तथा छत्ता ब्लॉक में पोलिंग बूथों पर गड़बड़ी करने के आरोप लगाए थे. विरोध करने पर समर्थकों को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए थे. मीडिया के सामने आरोप लगाते हुए आकाश फूट-फूटकर रोने लगे थे और उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वे शाही जामा मस्जिद में जाकर इस्लाम कबूलकर मुसलमान बन जाएंगे, नहीं तो उन्हें जेल में डाल दिया जाए. फूट-फूटकर रोने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
पाकिस्तान से आए आतंकी समझ परेशान कर रहे
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के लोग मेरे समर्थकों को परेशान कर रहे हैं. चुनाव अधिकारी उनके साथ अभद्रता कर रहे हैं. विरोध और शिकायत किए जाने के बावजूद सुनवाई नहीं है. ऐसा लग रहा है, जैसे हम पाकिस्तान से आए आतंकवादी हैं. प्रताड़ित किया जा रहा है, इसलिए अब मैं सनातनी बने नहीं रहना चाहता हूं. अगले महीने ही लखनऊ की शाही ईदगाह जाऊंगा और इस्लाम कबूल करके मुसलमान बन जाऊंगा. हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि आजाद भारत में रहता हूं तो किसी पार्टी से चुनाव लड़ना है, किससे नहीं, यह सिर्फ मेरा ही फैसला होगा.
बूथ कैप्चरिंग का विरोध किया तो अभद्रता की गई
सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि वह आजाद भारत में रह रहे हैं और किस पार्टी से चुनाव लड़ना है, इसका फैसला वह खुद करेंगे. खेरागढ़ में मतदान के बीच पीठासीन अधिकारी जब खाना खाने लगे तो सभी को बाहर निकाल दिया गया. छाता बूथ को कैप्चरिंग करने की कोशिश हुई. विरोध करने पर चुनाव अधिकारियों ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की. बूथ कैप्चरिंग की शिकायत लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से मिलने पहुंचे तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की. अगर पता होता चुनाव लड़ने पर साथियों को परेशानी होगी तो चुनाव लड़ता ही नहीं.