हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

Joshimath Land Sinking: लोगों को बचाने में जुटी SDRF, CM धामी आज आएंगे जोशीमठ; जानें अबतक के बड़े अपडेट्स

विज्ञापन

Joshimath Land Sinking: उत्तराखंड के जोशीमठ की जमीन धंस रही है। यहां के लोगों के बीच इसे लेकर काफी दहशत है। शहर में मिट्टी के खिसकने के कारण सुनील वार्ड, मनोहर बाग वार्ड और गांधी वार्ड समेत सैकड़ों घरों में दरारें आ गईं हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों के पुनर्वास के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यहां SDRF की टीम मौजूद है और पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक, सैंकड़ों घरों के अलावा मारवाड़ी स्थित जेपी ग्रुप की रिहायशी कॉलोनी पर भी संकट मंडराने लगा है। जेपी परिसर में कुछ ढांचों की दीवार से पानी रिस रहा है। डरे सहमे कई लोग अपने घरों को छोड़कर चले गए हैं। वहीं, प्रशासन द्वारा लोगों को नगर निगम भवनों, गुरुद्वारों और स्कूलों में भी शिफ्ट किया जा रहा है।

और पढ़िए – किसके कर्मों की सजा भुगत रहा है देवभूमि का जोशीमठ? जानें वाडिया इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर की राय

विज्ञापन

क्यों धंस रहा जोशीमठ?

बता दें कि जोशीमठ शहर चमोली जिले में 6,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कहा जाता है कि यह कई भूस्खलन के बाद जमा हुए मलबे पर बसा (Joshimath Land Sinking) शहर है। यह शहर बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के मार्ग पर है, इसलिए पर्यटकों की सुविधाओं को देखते हुए कई होटल और होमस्टे का निर्माण यहां किया गया है।

शहर के धंसने का एक प्रमुख कारण भारी निर्माण कार्य और वनों की कटाई है। 1976 में मिश्रा समिति ने जमीनी सर्वेक्षण के बाद निर्माण उद्देश्यों के लिए खुदाई नहीं करने की चेतावनी दी थी। समिति की रिपोर्ट में पेड़ों की लगातार कटाई के खिलाफ भी चेतावनी दी गई थी और कहा गया था कि अगर पैनल की बातों पर अमल नहीं किया गया तो भयंकर परिणाम होंगे।

विज्ञापन

जोशीमठ पर अब तक के बड़े अपडेट्स…

1- जोशीमठ के मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त, सचिव, आपदा प्रबंधन और जिलाधिकारी मौजूद रहे।

2- बैठक में धामी ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सुरक्षित स्थान पर बड़ा अस्थाई पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया जहां जोशीमठ के लोगों को स्थानांतरित किया जा सके।

विज्ञापन

3- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीपलकोटी और गौचर सहित अन्य स्थानों पर स्थायी पुनर्वास के लिए सुरक्षित स्थान तलाशने को भी कहा।

4- मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में सेक्टर व जोनवार योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन

5- पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को डेंजर जोन को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।

और पढ़िए – उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ में निर्माण परियोजनाओं, गतिविधियों पर लगाई रोक

विज्ञापन

6- SDRF आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि कस्बे में SDRF भी तैनात कर दी गई है। जोशीमठ में SDRF के करीब 50 जवान पहली टीम के तौर पर तैनात हैं। साथ ही SDRF की आसपास की चार चौकियों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

7- चमोली जिला प्रशासन ने जोशीमठ में चल रहे NTPC के प्रोजेक्ट, हेलंग मारवाड़ी बाइपास समेत अन्य सभी निर्माण कार्यों को अगले आदेश तक रोक दिया है।

विज्ञापन

8- गढ़वाल मंडलायुक्त सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा व विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम रिफ्ट प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रही है।

9- स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री आज को जोशीमठ आएंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी कस्बे का दौरा करेंगे।

विज्ञापन

10- अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 561 घरों में दरारें आ गई हैं, जिनमें रविग्राम में 153, गांधीनगर में 127, मनोहरबाग में 71, सिंहधार में 52, परसारी में 50, अपर बाजार में 29, सुनील में 27, मारवाड़ी में 28 घर, और लोअर बाजार में 24 घर शामिल हैं।

और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola