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'जेल में ही मर जाऊंगा', सुप्रीम कोर्ट में बोले आजम खान; CJI बेंच ने राहत देने से किया इनकार

Azam Khan statement in Supreme Court: सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. इससे पहले आजम खान ने वकील के माध्यम से कहा कि मैं हर चीज का सामना करने को तैयार हूं, लेकिन मुझे जमानत चाहिए. मुझे ईडी केस में गिरफ्तार किया गया है और मुझ पर 28 अन्य मामले भी दर्ज हैं. ऐसे में तो मैं जेल में ही मर जाऊंगा.” शीर्ष अदालत ने दखल देने से इनकार करते हुए मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करते हुए 16 नवंबर को आदेश पारित करने को कहा है

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा लगा है. File Photo

Azam Khan statement in Supreme Court: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर विचार करने से शीर्ष अदालत ने इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया है. मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच कर रही थी.

लिवलॉ की रिपोर्ट के अनुसार आजम खान की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अदालत में अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा, “मैं हर चीज का सामना करने को तैयार हूं, लेकिन मुझे जमानत चाहिए. मुझे ईडी केस में गिरफ्तार किया गया है और मुझ पर 28 अन्य मामले भी दर्ज हैं. ऐसे में तो मैं जेल में ही मर जाऊंगा.”

यह भी पढ़ें : आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, ED केस में जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार

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सिब्बल ने मामलों की प्रकृति पर उठाया सवाल

सिब्बल ने आरोप लगाया कि जैसे ही आजम खान जेल से बाहर आए, ईडी ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया. यह पूरी कार्रवाई आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उन्हें जेल में रखने के मकसद से की गई है. सिब्बल ने मामलों की प्रकृति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला 2006 का है और एफआईआर 2019 में दर्ज हुई, ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) का मामला कैसे बनता है? उन्होंने दलील दी कि दर्ज मामलों में 5 हजार रुपये, एक तोला सोने की बालियां और 4 बकरियां लूटने जैसे आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने पूछा कि क्या बकरी और गाय अब अपराध से अर्जित आय बन गई हैं?

इस पर सीजेआई की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा, “आपकी बात में दम हो सकता है, लेकिन हम इस पर कोई राय व्यक्त नहीं करना चाहते.” सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस मामले की सुनवाई के लिए हाई कोर्ट ही उचित मंच है.

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सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में क्या था?

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में 78 वर्षीय आजम खान की ओर से कहा गया कि वे रामपुर से दस बार विधायक, पूर्व मंत्री और सांसद रहे हैं. राजनीतिक बदले की भावना और सत्ता के दुरुपयोग के चलते उन्हें अनिश्चित काल तक जेल में रखने की कोशिश की जा रही है. साथ ही 1 नवंबर को विशेष अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश को चुनौती दी गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने दो दिनों के भीतर याचिका को इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचाने का निर्देश दिया है और हाई कोर्ट से कहा है कि वह ईडी मामले में आजम खान की जमानत याचिका पर 16 नवंबर को ही अंतरिम आदेश पारित करे.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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