Hathras Stampede Latest Update : यूपी की हथरस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। आयोग की टीम शनिवार को घटनास्थल पर पहुंची और मौका का निरीक्षण किया। इससे पहले टीम ने डीएम और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और ये जानने का प्रयास किया कि आखिर इस हादसे के बाद जांच कैसे आगे बढ़ाई गई। किस आधार पर गिरफ्तारी और एफआईआर तय की गई और आगे की जांच की स्थति क्या है।
हाथरस में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में 2 जुलाई को अचानक से भगदड़ मच गई थी। जिस दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा किया था, उसी दिन उन्होंने न्यायिक आयोग से मामले की जांच कराने का ऐलान किया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग की टीम काम कर रही है, जिसमें पूर्व आईएएस अधिकारी हेमंत राव और पूर्व आईपीएस अधिकारी भवेश कुमार सिंह शामिल हैं।
सेवादारों से भी बातचीत करेगा आयोग
न्यायिक आयोग के सदस्य सुबह 11 बजे हाथरस पहुंचे। सबसे पहले टीम ने जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके दौरान उन्होंने अबतक की जांच रिपोर्ट देखी। साथ ही यह भी जाना कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर और उनकी गिरफ्तारी किस आधार पर की गई। इसके बाद आयोग के मेंबरों ने घटनास्थल पर जाकर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ जिले के अधिकारी भी मौजूद थे। न्यायिक आयोग बाबा के सेवादारों से भी बात करेगा कि सत्संग में ऐसी क्या स्थिति बनी, जो ये हादसा हो गया। साथ ही टीम पीड़ित परिवार से भी मुलाकात करेगी।
राजनीतिक दलों से कनेक्शन की होगी जांच: एसपी
हाथरस के एसपी निपुण अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मुख्य आरोपी और कार्यक्रम के आयोजक देव प्रकाश मधुकर और 2 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले 6 आरोपी अरेस्ट किए गए थे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि कुछ समय पूर्व कुछ राजनीति दलों द्वारा इन्हें संपर्क किया गया था। फंड इकट्ठा करने के संबंध में गहनता से जांच की जा रही है कि कहीं किसी तरह के कार्यक्रम में इनके संसाधन किसी राजनीतिक पार्टी के द्वारा पोषित तो नहीं किए जा रहे हैं। अब तक की पूछताछ से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोई राजनीतिक दल अपने राजनीतिक और निजी स्वार्थ के लिए इनसे जुड़ रहा है।