दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात भयानक सड़क हादसा हुआ. 35 यात्रियों से भरी स्लीपर बस में आग लग गई. हादसे में 9 यात्रियों की मौत होने की खबर है. बिहार नंबर की स्लीपर बस ग्रेटर नोएडा से आगरा की ओर जा रही थी कि दयानतपुर गांव के पास इसमें से धुंआ निकलने लगा. देखते ही देखते आग की लपटों ने बस को घेर लिया. आग देख ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे पार्क किया. यात्रियों में चीख पुकार मची गई और वे बस से कूदने लगे.
कैलाश अस्पताल में घायलों को भर्ती कराया गया
बता दें कि स्लीपर बस में सवार यात्री टूरिस्ट थे और मथुरा से वृंदावन जा रहे थे कि जेवर के पास हादसा हो गया. घायल लोगों को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची. एक घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया गया, लेकिन आग लगने के कारण पता नहीं चल पाए हैं. यात्रियों में ज्यादातर बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे शामिल थे, जिनमें कुछ दिव्यांग बच्चे भी थे. जो बस में अचानक लगी भीषण आग में फंस गए थे.
डबल डेकर बस में ऊपर बैठे लोग आग में फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि आग से बस में ऐसे धमाके हुए, मानो पटाखे फूट रहे हों. हो सकता है कि बस में पटाखे हों. बस डबल डेकर थी और ऊपर के हिस्से में बैठे लोग ही आग में फंस गए थे. बस धू-धू कर जल रही थी और आग इतनी विकराल थी कि राहगीरों में भी अफरा-तफरी मच गई. हादसे का पता चलते ही यमुना एक्सप्रेसवे की प्राइवेट सिक्योरिटी सबसे पहले मौके पर पहुंची. हादसे के चलते जेवर टोल और फलैदा कट पर ट्रैफिक को रोक दिया गया था.
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई बस में आग की आंखों-देखी
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सभी सो रहे थे कि अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया. उठकर देखा तो आग की लपटें थीं. न कोई सामान उठाया और न ही जूते पहने. बस अपना फोन उठाया और बाहर निकल गई. इतनी भीड़ थी कि लोग धक्का दे रहे थे. मुझे भी धक्का लगा, लेकिन किसी ने मुझे बाहर खींच लिया. उसके बाद क्या हुआ कुछ याद नहीं है. बस के अंदर धुंआ ही धुंआ था. कुछ नजर नहीं आ रहा था और दम घुट रहा था. काफी लोग थे, जो शायद बस से बाहर नहीं निकल पाए.