Greater Noida West: शाहबेरी की 400 इमारतों में फायर उपकरण ही नहीं, लगी आग तो होगा बड़ा हादसा

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी इलाके में 400 छोटी-बड़ी सोसायटियां बनी हुई हैं। यहां 4 से 8 मंजिला बनी इमारतों में 50 हजार से अधिक लोग रहते हैं। बताया जाता है इन सोसायटियों में फायर उपकरण नहीं लगे हैं।

Shahberi fire equipment

Shahberi fire equipment

Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी क्षेत्र में लगभग 50 हजार लोग 400 से ज्यादा इमारतों में रह रहे हैं, लेकिन इनकी जान पर लगातार खतरा बना हुआ है। दरअसल, इन इमारतों में फायर की लाइन और उपकरण ही नहीं हैं। ये खुलासा फायर विभाग की जांच में हुआ है। विभाग भी इमारत में उपकरण नहीं होने की रिपोर्ट अथॉरिटी और शासन को भेज चुका है। ऐसे में अगर बिल्डिंग में कहीं भी आग लग जाती है तो उसे बुझाना आसान नहीं होगा। अग्निशमन विभाग भी अपने सीमित संसाधनों से मुश्किल से ही ऐसी जगह लगी आग पर काबू कर पाएगा।

बिल्डिंग गिरने के बाद जागे थे अधिकारी
शाहबेरी गांव क्षेत्र में आठ से 10 मंजिल की कई अवैध इमारतों में 50 हजार से अधिक की संख्या में लोग रह रहे हैं। इन इमारतों में फायर उपकरण नहीं लगे हैं। बताया जाता है कि शाहबेरी में 2013 के बाद इन इमारतों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ने लगी। 17 जुलाई 2018 को शाहबेरी में एक चार मंजिला और एक छह मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से 9 लोगों की मौत गई। इस घटना के बाद प्रशासन, अथॉरिटी और शासन के अधिकारी जागे और एक्शन शुरू हुआ।

कई बार लग चुकी है आग

बताया जाता है कि इसके बाद अथॉरिटी ने इन इमारतों को अवैध घोषित कर तोड़फोड़ शुरू कर दी, जो अब ठंडे बस्ते में है। अभी भी हजारों लोग इन अवैध सोसायटियों में रह रहे हैं। इन सोसायटियों में कई बार आग भी लग चुकी है। गनीमत यह रही की आग से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है।

फायर की लाइन और उपकरण नहीं

फायर अधिकारी ने बताया कि शाहबेरी में छोटी-बड़ी करके करीब 400 से अधिक बिल्डिंग हैं। किसी भी बिल्डिंग में फायर की लाइन और उपकरण नहीं लगे हैं। इन इमारतों के अगर आग लगती है तो बड़ा हादसा भी हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, फायर अधिकारियों के निरीक्षण के बाद कई बिल्डिंग मालिकों ने फायर उपकरण लगा तो दिए हैं, लेकिन यह नाकाफी हैं।

अवैध बिल्डिंग में कैसे लगा दें फायर उपकरण

एक बिल्डिंग मालिक ने बताया कि प्रशासन ने सभी इमारतों को अवैध घोषित कर रखा है। ऐसे में फायर उपकरण कैसे लगा दें। पहली बात खुद फायर के ऑफिसर उनको एनओसी नहीं देंगे, क्योंकि इमारतों को अवैध घोषित किया हुआ है। ऐसे में अगर हम अपने स्तर से फायर उपकरण लगा दें तो अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। यहीं कारण है कि इससे बच रहे हैं।

अवैध इमारतों पर कार्रवाई है जारी

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दावा है कि शाहबेरी में कार्रवाई की जा रही है। जो इमारतें खाली थी उन्हें ढहा दिया गया है। कुछ इमारतों में तोड़फोड़ का कार्य अभी भी चल रहा है। जिन इमारतों में लोग रह रहे हैं उन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रेनो अथॉरिटी के अधिकारी के मुताबिक, शाहेबरी में अवैध इमारतों पर कार्रवाई जारी है।

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लेखक के बारे में

Md Junaid Akhtar

Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।
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